
Rama Devi Sahu
21 hours ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 30 अगस्त 2026* *⛅दिन - रविवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - भाद्रपद* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - द्वितीया सुबह 09:36 तक तत्पश्चात् तृतीया* *⛅नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद प्रातः 03:44 अगस्त 31 तक तत्पश्चात् रेवती* *⛅योग - शूल प्रातः 03:46 अगस्त 31 तक तत्पश्चात् गण्ड* *⛅राहुकाल - शाम 05:12 से शाम 06:46 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:08* *⛅सूर्यास्त - 06:46 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:37 से प्रातः 05:23 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:02 से दोपहर 12:53 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:05 से मध्यरात्रि 12:50 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 06:08 से प्रातः 03:44 अगस्त 31 तक)* *🌥️विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है एवं तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🌻 निश्चय ही सम्पूर्ण जगत तुमसे अभिन्न है, इसलिए डरो मत। संसार को आत्मदृष्टि से देखने लग जाओ। फिर देखो विरोध कहाँ रहता है, कलह कहाँ रहती है, द्वेष कहाँ रहता है! 🌻आत्मदेव ही सब देवों का देव है, परमात्मदेव है। उसे जानने के लिए, उसे पाने के लिए जो लगा रहता है, जो यहाँ के सुख की या स्वर्ग के सुखों की भी परवाह नहीं करता है, जो मानता है कि ʹमेरा आत्मा सुखस्वरूप है…. मैं सुखस्वरूप आत्मा हूँ…. मुझे अपने इस सोઽहं स्वरूप का साक्षात्कार करना है…ʹ उसकी श्रद्धा सात्त्विक श्रद्धा है। ऐसे लोग जीवन्मुक्ति के पद को पा लेते हैं। सात्त्विक श्रद्धावाला कभी फरियाद नहीं करता। राजसी श्रद्धावाला मनुष्य फरियाद करता रहता है और तामसी श्रद्धावाला तो विरोधी हो जाता है। 🌻गुरु को साधक की सेवा की आवश्यकता नहीं है। गुरु तो साधक से सत्कर्म (सेवा) करवाकर उसके तन की शुद्धि तथा कर्मों की योग्यता बढ़ाते हैं। *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

Comments (1)

Ramesh chand
Aug 30, 2026
सुप्रभात 🌹शुभ रविवार 🙏
