MyMandirInstall

योग्यता और अयोग्यता 🍁🌹🍁🌹🌹 जब अयोग्य व्यक्ति ओ के समूह इकत्रित होकर अपनी शाक्ति का प्रदर्शन कर । एक उत्तम कार्य की धारा प्रवाह को रोककर वाधा उत्पन्न करते है । और योग्य और सक्षम व्यक्ति का पुरजोर विरोध करते है ।वहां से प्रारम्भ होती है नया खेल। और वहां लिखा जाता है नया इतिहास। 🌹🌹🌹 पतन की इबारत और इमारत के गिरने का परिवेश । अयोग्य लोग योग्य व्यक्ति के ऊपर अपना अधिपत्य स्थापित कर । योग्यतम व्यक्तित्व की अवेहलना कर उन्हे मुख्य धारा से हटाकर अपनी कुत्सित विचारधाराओ से अपमानित करते रहते है । और अपने स्वार्थ पूर्ण उदेश्य की पूर्ति करते है । 🍁🍁 इस विषय पर आदरणीय चाणक्य महाराज कहते है कि ऐसे समाज, समूह, देश,काल, वातावरण, का पतन अति शीघ्र हो जाता है । जय श्रीकृष्ण 🙏🌹🙏🌹

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!