
Rama Devi Sahu
218 days ago
प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यान घन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥ मैं पवनकुमार श्री हनुमानजी को प्रणाम करता हूँ, जो दुष्ट रूपी वन को भस्म करने के लिए अग्निरूप हैं, जो ज्ञान की घनमूर्ति हैं और जिनके हृदय रूपी भवन में धनुष -बाण धारण किए श्री रामजी निवास करते हैं॥ जय सियाराम 🙏

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jan 24, 2026
🙏‼️ Shri Ram Rameti Rameti Rame raame Manorame 🌹 Sahasra Naam Tattulyam Ram Nama Baranane ‼️🙏 Subha Shanivar ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Subha Ratri Jii 🙏🌹🌹

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jan 24, 2026
राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने🙏राम राम रात्रि बच्चा, शुभ रात्रि, शांति से सोएं।
