
Rama Devi Sahu
5 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 01 सितम्बर 2026* *⛅दिन - मंगलवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - भाद्रपद* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - चतुर्थी सुबह 07:41 तक तत्पश्चात् पंचमी* *⛅नक्षत्र - अश्विनी मध्यरात्रि 02:42 तक तत्पश्चात् भरणी* *⛅योग - वृद्धि रात्रि 11:39 तक तत्पश्चात् ध्रुव* *⛅राहुकाल - दोपहर 03:36 से शाम 05:10 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:09* *⛅सूर्यास्त - 06:45 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:38 से प्रातः 05:23 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:02 से दोपहर 12:52 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:04 से मध्यरात्रि 12:50 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - मंगलवारी चतुर्थी (सूर्योदय से सुबह 07:41 तक), सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 06:09 से मध्यरात्रि 02:42 तक), नाग पन्चम* *🌥️विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🌷 *जन्माष्टमी* 🌷 ➡ *04 सितम्बर 2026 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है।* 🙏🏻 *भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है, वह सौ जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है | - ब्रह्मवैवर्त पुराण* 🙏🏻 🌷 *गर्भवती देवी के लिये–जन्माष्टमी व्रत* 🌷 👩🏻 *जो गर्भवती देवी जन्माष्टमी का व्रत करती हैं..... उसका गर्भ ठीक से पेट में रह सकता है और ठीक समय जन्म होता है..... ऐसा भविष्यपुराण में लिखा है |* 🙏🏻 🌷 *20 करोड एकादशी का फल देनेवाला व्रत* 🌷 🙏 *जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है । उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात, जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्व है ।* 🙏 *भविष्य पुराण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है । जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, उनके घर में गर्भपात नहीं होता ।* 🙏 *एकादशी का व्रत हजारों - लाखों पाप नष्ट करनेवाला अदभुत ईश्वरीय वरदान है* 🙏 *एकादशी के दिन जो संयम होता है उससे ज्यादा संयम जन्माष्टमी को होना चाहिए ।* *बाजारु वस्तु तो वैसे भी साधक के लिए विष है लेकिन जन्माष्टमी के दिन तो चटोरापन, चाय, नाश्ता या इधर - उधर का कचरा अपने मुख में न डालें ।* 🙏 *इस दिन तो उपवास का आत्मिक अमृत पान करें ।अन्न, जल, तो रोज खाते - पीते रहते हैं, अब परमात्मा का रस ही पियें । अपने अहं को खाकर समाप्त कर दें।*🙏🏻 🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩
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