
Rama Devi Sahu
211 days ago
*_है गोविंद..._* *सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,* *नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,* *वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,* *खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो...* *_༺꧁Զเधॆ Զเधॆ꧂༻_*
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