
Rama Devi Sahu
255 days ago
पौष अमावस्या का दिन स्नान, दान, तर्पण और पितरों की शांति के लिए बहुत शुभ माना गया है। स्कंद पुराण के अनुसार, अमावस्या के दिन सूर्यदेव की पूजा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन गायों को हरा चारा खिलाना, पक्षियों के लिए अन्न-जल रखना एवं सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करना शुभ फलदायक माना गया है। इस वर्ष पौष अमावस्या तिथि की शुरुआत 19 दिसंबर की सुबह 4 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 20 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, 19 दिसंबर को पौष अमावस्या का व्रत रखा जाएगा, इस दिन स्नान-दान का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 19 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Dec 18, 2025
Ji Shukriya 🙏 Good Night ❤️🌹🌹

R k jangid phulera Jaipur
Dec 18, 2025
अति सुंदर जय श्री कृष्ण जी🙏
