
Rama Devi Sahu
183 days ago
*सुप्रभात वंदन* *तपस्या केवल नदी किनारे, पहाड़ों की गोद में या गुफाओं में बैठकर करने का नाम नहीं है*। *जो भी काम हम पूरे मन और बुद्धि से, पूर्ण समर्पण के साथ करते हैं*। *वही तपस्या कहलाती है*। *जय सियाराम*
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