
Rama Devi Sahu
183 days ago
. “होलाष्टक” वर्ष 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी को लगेगा, और यह 03 मार्च 2026 तक रहेगा। यह 8 दिनों का होता है, तथा इस काल में किसी भी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। भारतीय मुहूर्त विज्ञान व ज्योतिष शास्त्र प्रत्येक कार्य के लिए शुभ मुहूर्तों का शोधन कर उसे करने की अनुमति देता है। कोई भी कार्य यदि शुभ मुहूर्त में किया जाता है, तो वह उत्तम फल प्रदान करने वाला होता है। इस धर्म धुरी से भारतीय भूमि में प्रत्येक कार्य को सुसंस्कृत समय में किया जाता है, अर्थात् ऐसा समय जो उस कार्य की पूर्णता के लिए उपयुक्त हो। इस प्रकार प्रत्येक कार्य की दृष्टि से उसके शुभ समय का निर्धारण किया गया है। जैसे गर्भाधान, विवाह, पुंसवन, नामकरण, चूड़ाकरन, विद्यारम्भ, गृह प्रवेश व निर्माण, गृह शान्ति, हवन यज्ञ कर्म, स्नान, तेल मर्दन आदि कार्यों का सही और उपयुक्त समय निश्चित किया गया है। इस प्रकार होलाष्टक को ज्योतिष की दृष्टि से एक होलाष्टक दोष माना जाता है, जिसमें विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण, आदि शुभ कार्य वर्जित हैं। इस वर्ष होलाष्टक 24 फरवरी मंगलवार से प्रारम्भ हो रहा है, जो 03 मार्च होलिका दहन (फाल्गुन पूर्णिमा) के साथ ही समाप्त हो जाएगा, अर्थात् आठ दिनों का यह होलाष्टक दोष रहेगा। जिसमें सभी शुभ कार्य वर्जित है। इस समय विशेष रूप से विवाह, नए निर्माण व नए कार्यों को आरम्भ नहीं करना चाहिए। ऐसा ज्योतिष शास्त्र का कथन है। अर्थात् इन दिनों में किए गए कार्यों से कष्ट, अनेक पीड़ाओं की आशंका रहती है, तथा विवाह आदि सम्बन्ध विच्छेद और कलह का शिकार हो जाते हैं, या फिर अकाल मृत्यु का खतरा या बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है। होलाष्टक से तात्पर्य है कि होली के 8 दिन पूर्व से है अर्थात धुलण्डी से आठ दिन पहले होलाष्टक की शुरुआत हो जाती है। इन दिनों शुभ कार्य करने की मनाही होती हैं। हिन्दू धर्मो के 16 संस्कारों को न करने की सलाह दी जाती है। क्या करते हैं होलाष्टक में माघ पूर्णिमा से होली की तैयारियाँ शुरु हो जाती हैं। होलाष्टक आरम्भ होते ही दो डण्डों को स्थापित किया जाता है, इसमें एक होलिका का प्रतीक है और दूसरा प्रह्लाद से सम्बन्धित है। ऐसा माना जाता है कि होलिका से पूर्व 8 दिन दाह-कर्म की तैयारी की जाती है। यह मृत्यु का सूचक है। इस दुःख के कारण होली के पूर्व 8 दिनों तक कोई भी शुभ कार्य नही होता है। जब प्रह्लाद बच जाता है, उसी खुशी में होली का त्योहार मनाते हैं। ग्रन्थों में उल्लेख मिलता है कि भगवान शिव की तपस्या को भंग करने के अपराध में कामदेव को शिव जी ने फाल्गुन की अष्टमी में भस्म कर दिया था। कामदेव की पत्नी रति ने उस समय क्षमा याचना की और शिव जी ने कामदेव को पुनः जीवित करने का आश्वासन दिया। इसी खुशी में लोग रंग खेलते हैं। ॥जय जय श्री राधे॥

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Feb 28, 2026
🌹🌹 Good Evening 🌆 Bhagwan Kare Sandhya Samay pr Jo bhi ho, Thakur ji Aashirwad se Aap ka Har Manokamna Pure Kare 🙏 🌹

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 28, 2026
शुभ दोपहर, नमस्ते 🙏आपको और आपके परिवार को अग्रिम शुभकामनाएं। 😀🎎होली प्रेम एकता और का त्योहार है, इसे मिलकर मनाएं! शुभ होली! रंग बरसे, दिल हंसे, खुशियों का इंद्रधनुष आपके जीवन में सजे! होली की शुभकामनाएँ! होली के रंग-बिरंगे रंगों से भरपूर हो आपका जीवन, प्यार और खुशियों से भरा हो हर दिन👍🙏💕🌞☀️🌅🤣👑🍼
