
Rohit Patel
339 days ago
ॐ शिवगोरक्ष योगी आदेश ।। पगलु वाणी ।। २६-९-२०२५ 🌹 संतोषी सदा सुखी 🌹 एक गांव में एक गरीब किन्तु धार्मिक और संतोषी आदमी रहता था, वह बहुत मेहनत करता, किंतु पूर्व कर्मो के फलस्वरूप वह अधिक धन न कमा पाता, इस प्रकार उसके दिन बड़ी मुश्किल से बीत रहे थे । कई बार तो ऐसा हो जाता कि उसे कई कई दिनों तक सिर्फ एक वक्त का खाना खाकर ही गुजारा करना पड़ता । लेकिन वो हर परिस्थिति में प्रभु स्मरण करता रहता और जो भी प्राप्त होता उसमें अपने परिवार का पालन करके प्रसन्न रहता । उसे अधिक धन कमाने की अभिलाषा तो थी किन्तु अधर्म के मार्ग पर चलना स्वीकार नही था । एक दिन उसे जंगल मे एक महात्मा मिल गए, उसने अपनी सामर्थ्यानुसार उन महात्मा की खूब सेवा की । महात्मा उसकी सेवा से प्रसन्न हो गए और उसे देवी की आराधना का एक मंत्र दिया, मंत्र से कैसे जप किया जाए और उसकी पूरी विधि भी महात्मा ने उसे बता दी । वह व्यक्ति उस मंत्र से देवी का जप करने लगा, कुछ दिन मंत्राराधना करने पर एक देवी उसके सामने प्रकट हुई । देवी ने उससे कहा, "मैं तुम्हारी आराधना से प्रसन्न हूं, बोलो क्या चाहते हो, जो भी चाहिए निर्भय होकर मांगो । देवी को इस प्रकार सामने प्रकट हुआ देख वह व्यक्ति घबरा गया, क्या मांगा जाए, यह वह तुरंत तय ही न कर सका । इसलिए हड़बड़ाहट में बोला "देवी जी, इस समय तो नहीं पर मैं कल आपसे मांग लूंगा । देवी अगले दिन प्रातः आने का कहकर अंतर्धान हो गई । घर जाकर वह व्यक्ति सोच में पड़ गया कि देवी से क्या मांगा जाए, उसके मन में आया कि रहने के लिए घर नहीं है, इसलिए वही मांगा जाए, घर भी कैसा मांगा जाए, वह उस पर विचार करने लगा । तभी उसे विचार आया कि ये जमींदार लोग गांव के सब लोगों पर रोब गांठते हैं, इसलिए देवी से वर मांगकर मैं जमींदार हो जाऊं तो अच्छा रहे, यह विचार कर उसने जमींदारी मांगने का निर्णय कर लिया । इस विचार के आने के बाद वह सोचने लगा कि जब लगान भरने का समय आता है, तब ये जमींदार भी तो तहसीलदार के सामने मिन्नतें करते हैं । इस प्रकार इन जमींदारों से बड़ा तो तहसीलदार ही है, इसलिए जब बनना ही है तो बड़ा तहसीलदार क्यों न बन जाऊं, इस प्रकार विचार कर वह तहसीलदार बनने की इच्छा करने लगा । अब वह इस निर्णय से खुश था लेकिन उसके मन में विचार समाप्त नहीं हुए और कुछ देर बाद उसे जिलाधीश बनने का ध्यान आया, वह जानता था कि जिलाधीश साहब के सामने तहसीलदार भी कुछ नहीं है, इस तरह उसे अब तहसीलदार का पद भी फीका लगने लगा था । अतः उसकी इच्छाएं बढ़ती ही चली गईं, कामनाये उसे राजा, महाराजा फिर चक्रवर्ती सम्राट तक ले गयी । वह सोचने विचारने में ही इतना फंस गया कि कुछ तय नहीं कर पाया कि क्या मांगा जाए, इस तरह पूरा दिन और सारी रात विचारों में ही बीत गयी । दूसरे दिन का सूर्योदय भी हो गया, किन्तु वह अभी भी कुछ निर्णय नहीं कर पाया था, ज्यों ही सूरज की पहली किरण पृथ्वी पर पड़ी त्यों ही देवी उसके सामने प्रकट हो गईं । उन्होंने पूछा, "बोलो, अब क्या चाहते हो, अब तो तुमने सोच विचार कर निश्चय कर लिया होगा कि क्या मांगना है । उसने हाथ जोड़कर उत्तर दिया, "देवी, मुझे कुछ नहीं चाहिए, मुझे तो सिर्फ भगवान की भक्ति और आत्म संतोष का गुण दीजिए, यही मेरे लिए पर्याप्त है । देवी ने पूछा, "क्यों भई, तुमने धन दौलत क्यों नहीं मांगी ? वह विनम्रता से बोला, "देवी, मेरे पास अभी दौलत आई भी नही, बस आने की आशा मात्र हुई तो मुझे उसकी चिंता से रात भर नींद नहीं आई । यदि वास्तव में मुझे दौलत मिल जाएगी । तो फिर नींद और सुकून तो एकदम विदा ही हो जाएगे, इसलिए मैं जैसा हूं, वैसा ही रहना चाहता हूं । आत्म संतोष का गुण ही सबसे बड़ी दौलत होती है, आप मुझे संतोषी होने का वरदान दीजिए । धर्म मार्ग पर चलते हुए अपनी मेहनत से मुझे इतना धन प्राप्त होता रहे कि मेरा परिवार सुखपूर्ण अपना जीवनयापन कर सके, और परिवार में प्रेम-संस्कार बने रहे तथा कोई भी अतिथि, याचक और संत मेरे द्वार से खाली ना जाये । देवी ने उसे मुस्कुरा कर तथास्तु बोला और अंतर्ध्यान हो गईं, और वह व्यक्ति मेहनत करके प्रसन्नता पूर्वक अपना जीवन बिताने लगा ।। ना धन से, ना संपत्ति से ना ही सुख मिलता यंहा दुनिया के रिश्ते नातों से । जिसके पास है संतोष का धन वो मौज़ में रहता पगलु अभावों में और खजानों में ।। देश-धर्म के विरोधियों का पूर्णतः वहिष्कार करे ।। शिवगोरक्ष कल्याण करे । शिवशक्ति भक्ति, शक्ति, मुक्ति, सद्बुद्धि दे । भैरव उस्ताद सदा सहाय ।। आदेश🚩 आदेश 🚩

Comments (4)

Rama Devi Sahu
Sep 26, 2025
Navaratri ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Subha Ratri Jii 🙏 Maa Skandmata Ji ki Aasirbad se Aap or Aap ke Pure Parivar ka Jeevan Sukad or Mangalkari Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 26, 2025
🙏🌺 Jai Mata Di 🌺🙏

Rohit Patel
Sep 26, 2025
जी रिया जी धन्यवाद जी 💐🌹🤝💞💞 ॐ श्रीं 🌺📿🙏💞💞💞 शुभ रात्रि वंदन जी 🌹🙏💞💞💞

Riya Riya 💖💖
Sep 26, 2025
Jai maa laxmi 🙏🌹🌹🙏 shubh sandhya bandan bhai ji 🙏🙏
