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कृष्ण प्रेम, कृष्ण श्वास, कृष्ण से ही आश है। कृष्ण मोहे, कृष्ण त्याग, कृष्ण से ही ज्ञान है। कृष्ण योग, कृष्ण तप, कृष्ण से ही ध्यान है। कृष्ण सर्जन, कृष्ण पालन, कृष्ण से ही विनाश है। कृष्ण कर्ता, कृष्ण क्रिया, कृष्ण ही तो कर्म है। कृष्ण यम, किस नियम, किसने ही गीतासार है । .. आपको और आपके पूरे परिवार को श्री कृष्ण जन्म अष्टमी की 🎂🥳🎉 हार्दिक शुभ कामनाएँ🙏🙏 .. जय श्री कृष्णा🙏🌹🦚🦚🦚

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