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Rama Devi Sahu

50 days ago

एक प्रसिद्ध संत कथा कह रहे थे। जब वे अशोक वाटिका के दृश्य का वर्णन करने लगे, तो उन्होंने कहा कि वहाँ खिले हुए अशोक के पुष्प श्वेत (सफेद) रंग के थे। तभी हनुमान जी एक ब्राह्मण का रूप धरकर वहां प्रकट हुए और बोले, "महाराज! आप गलत कह रहे हैं। मैं स्वयं वहां था, मैंने देखा था कि फूल लाल थे।" कथावाचक अपनी बात पर अडिग रहे और हनुमान जी अपनी। अंत में तय हुआ कि प्रत्यक्षदर्शी माता सीता से ही पूछा जाए। हनुमान जी माता सीता के पास पहुँचे और प्रणाम करके बोले, "माता! क्या अशोक वाटिका के फूल लाल नहीं थे?" माता सीता ने मुस्कुराते हुए कहा, "नहीं पुत्र, फूल तो सफेद ही थे।" हनुमान जी बड़े असमंजस में पड़ गए। उन्हें लगा कि शायद उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है। हनुमान जी को व्याकुल देख माता सीता ने समझाया, "पुत्र! सत्य तो यही है कि फूल सफेद थे। लेकिन उस समय जब तुम मुझे रावण के कष्टों के बीच देख रहे थे, तो तुम्हारा क्रोध चरम पर था। तुम्हारे नेत्र क्रोध से लाल (रक्तवर्ण) हो गए थे। इसलिए तुम्हें उन सफेद फूलों में भी अपनी आंखों की लाली नजर आ रही थी।" यह कहानी हमें जीवन के कुछ गहरे सत्य सिखाती है: हम संसार को वैसा नहीं देखते जैसा वह 'है', बल्कि वैसा देखते हैं जैसे हम 'स्वयं' हैं। यदि मन में क्रोध है, तो शांति भी अशांति दिखेगी। यदि मन में प्रेम है, तो कण-कण में ईश्वर दिखेगा। हनुमान जी की दृष्टि में जो लालिमा थी, वह माता के प्रति उनके अगाध प्रेम और रावण के प्रति न्यायपूर्ण क्रोध का मिश्रण थी। सत्य की बहुआयामी परतें: कथावाचक 'तथ्य' कह रहे थे, लेकिन हनुमान जी अपना 'अनुभव' कह रहे थे। दोनों ही अपनी जगह सही थे। यह प्रसंग सिखाता है कि सत्य केवल वह नहीं जो आँखों से दिखे, बल्कि वह है जो पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर देखा जाए।

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 11, 2026

शुभ शनिवार 🕉 श्री राम की स्तुति हनुमान जी को पाना चाहते हैं,तो राम जी की भक्ति करनी पड़ेगी, और राम जी को पाना है तो हनुमान जी की करनी पड़ेगी। श्री राम की स्तुति करने के लिए कई भक्तिपूर्ण तरीके हैं। यहाँ एक प्रसिद्ध स्तुति है: "श्री राम जय राम जय जय राम" या फिर, "रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेदसे। रघुनाथाय नाथाय सीताया: पतये नम:॥" अर्थ: "राम, रामभद्र, रामचंद्र, वेदों द्वारा ज्ञात, रघुनाथ, नाथ और सीता के पति को नमस्कार है।" आप अपनी भावनाओं और श्रद्धा के अनुसार भी श्री राम की स्तुति कर सकते हैं। जय श्रीराम 🚩

Rakesh Kumar

Rakesh Kumar

Jul 11, 2026

jai shree ram 🙏