
Rama Devi Sahu
8 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 14 अक्टूबर 2026* *⛅दिन - बुधवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - आश्विन* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - चतुर्थी मध्यरात्रि 01:13 तक तत्पश्चात् पञ्चमी* *⛅नक्षत्र - अनुराधा प्रातः 04:03 अक्टूबर 15 तक तत्पश्चात् ज्येष्ठा* *⛅योग - आयुष्मान् रात्रि 08:39 तक तत्पश्चात् सौभाग्य* *⛅राहुकाल - दोपहर 12:13 से दोपहर 01:40 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:23* *⛅सूर्यास्त - 06:02 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:45 से प्रातः 05:34 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:48 से मध्यरात्रि 12:38 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी, सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 06:23 से प्रातः 04:03 अक्टूबर 15 तक)* *🌥️विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🪔*तेजस्विनी भव*🪔 🚩*जीवन में लक्ष्य का महत्व* 👉 *एक छोटी-सी प्रेरणादायी कहानी पढ़िए…* 👉 एक दिन एक माँ अपनी बेटी के साथ बगीचे में टहल रही थी। उसने देखा कि एक छोटी-सी चींटी बार-बार दीवार पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी। वह गिरती, फिर उठती और दोबारा चढ़ने लगती। 👉 बेटी ने माँ से पूछा, “माँ! यह चींटी बार-बार गिरने के बाद भी हार क्यों नहीं मानती?” 👉 माँ ने मुस्कुराकर कहा, “बेटी! क्योंकि उसे पता है कि उसे कहाँ पहुँचना है। जब मंजिल का पता होता है, तो रास्ते की कठिनाइयाँ इंसान को रोक नहीं पातीं।” ❇️ फिर माँ ने बेटी का हाथ पकड़कर कहा, “बेटी! जीवन में केवल बड़े सपने देखना ही पर्याप्त नहीं है, अपने सपनों को पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना और निरंतर प्रयास करना भी आवश्यक है। जिस दिन तुमने अपने जीवन का उद्देश्य पहचान लिया, उस दिन से तुम्हारे जीवन की दिशा बदल जाएगी।” 👉 माँ की बात बेटी के हृदय में उतर गई। उसने अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित किया और उसे पाने के लिए प्रतिदिन मेहनत करने लगी। जब भी कोई कठिनाई आती, उसे माँ की बात याद आती और वह फिर से प्रयास करने लगती । 🪔 हमारे जीवन में भी लक्ष्य का बहुत महत्व है। बिना लक्ष्य के हम अपना बहुमूल्य समय इधर-उधर की बातों में गँवा सकते हैं। इसलिए अपने जीवन का एक श्रेष्ठ उद्देश्य बनाइए। शिक्षा प्राप्त करना, अपने पैरों पर खड़ा होना, माता-पिता का सहारा बनना, अपने संस्कारों को सुरक्षित रखना और समाज के लिए कुछ अच्छा करना—ये सभी जीवन को सार्थक बनाने वाले लक्ष्य हो सकते हैं। 👉 *आज स्वयं से एक प्रश्न पूछिए—*⁉️ क्या मैंने अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित किया है? यदि हाँ, तो उसे प्राप्त करने के लिए आज मैं कौन-सा कदम उठाऊँगी ? बहनों! अपने सपनों को केवल कल्पना बनाकर मत रखिए, उन्हें संकल्प बनाइए। लक्ष्य निर्धारित कीजिए, समय का सदुपयोग कीजिए और हर दिन अपने लक्ष्य की ओर एक कदम बढ़ाइए। 🌸 तेजस्विनी बनिए, लक्ष्यवान बनिए और अपने जीवन को ऐसा बनाइए कि आपकी सफलता से आपके माता-पिता ही नहीं, पूरा समाज प्रेरणा ले! *उठो ! जागो !! बनो तेजस्विनी !!!* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩 🙏*
Comments (4)

Rama Devi Sahu
Oct 14, 2026
नवरात्री की चौथे दिन पूजी जाने वाली माँ कुशमंदा. जिन्हे अपनी दिव्या मुस्कान से ब्रह्माण्ड की रचना करने वाली कहा जाता है. 🙏JAI MAA KUSHMANDA 🙏

Neha singh
Oct 14, 2026
Jai Mata Di 🙏🏻🌺🙏🏻

Rama Devi Sahu
Oct 14, 2026
ॐ गं गण पतये नमः,नवरात्र का चौथा दिन ॐ जय माता कुष्मांडा🚩🚩🚩 🌺🌹🙏सुप्रभात 🙏🌹🌺 आप सभी को आज के दिन की शुभकामनाएं, आप सभी का दिन मंगलमय हो।

Savita om namah shivay 🙏🌹
Oct 14, 2026
ऋद्धि-सिद्धि के स्वामी और अष्टभुजाधारी माँ कूष्मांडा की असीम अनुकंपा आपके पूरे परिवार पर बनी रहे। आपका जीवन उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि से समृद्ध हो। 🚩 जय गणेश, जय माँ कूष्मांडा! 🚩
