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_खास महिलाओं के लिए सुंदर और उपयुक्त संदेश_ 👌👌 _'Healthy WOMEN'......._ बढ़ता वजन, दर्दनाक घुटने, पित्त की समस्या, कमर दर्द, मासिक धर्म की समस्या, कम हीमोग्लोबिन, सांस की तकलीफ, टांगों में दर्द, रात में नींद न आना, अनजाना दबाव महसूस होना, बालों का झड़ना, त्वचा का सूखना, आदि कई समस्याएं शरीर में आती हैं। इन समस्याओं से दूर जाने की इच्छा सभी को होती है, लेकिन क्या सचमुच इसके लिए समय कहां से लाएं? यही यक्ष प्रश्न है। इस _फायर फाइटिंग लाइफस्टाइल_ में अगर हमारा स्वास्थ्य टिका रहे, तो ही _अष्टभुजा नारायणी का वरदहस्त_ मिलकर _सुपर वुमन_ बन सकते हैं! _एनर्जी बूस्टिंग:_ पाव किलो खजूर पाउडर, पचास ग्राम खाया जाने वाला गोंद एक साथ मिलाकर यह मिश्रण 2 चम्मच दूध में मिलाकर रोज सुबह खाने के लिए _सीरियल_ तैयार कर सकते हैं। दो बार शतावरी कल्प दूध में लेकर _एनर्जी लेवल मेंटेन_ रख सकते हैं। बस पांच मिनट का नाश्ता देशी अंदाज में: नाश्ता _कंपल्सरी_ प्रकार में लेकर इसके लिए मेतकूट भात, तुप-साखर पोली, लोणी-साखर पोली, राजगिरा लाही और दूध, लाह्यांचे पीठ और ताक, नाचणी पेज या खीर, भाकरी भाजी, पुलाव, थालीपीठ, उपमा, शेवई उपमा जैसे असल देशी मेनू नक्की करें। _ओट्स, कॉर्नफ्लेक्स, पैकेज्ड जूस, बेकरी पदार्थ, शिळे पदार्थ, मैगी_ को ठाम रूप से _"NO"_ कहें। किचन क्लिनिक: फोडणी करते समय हींग, मेथी दाने, हल्दी, कडीपत्ता पाउडर भरपूर उपयोग में लाकर _हड्डियों के विकार और मासिक धर्म की समस्या_ दूर होगी। एक समय के भोजन में वरण, भात, तूप, नींबू का _कॉम्बिनेशन_ और लोखंडी कढाई में भाजी खाने से _एनेमिया को बाय बाय_। ज्वार की भाकरी और फलभाजी नक्की करने से _पाचन की समस्याएं चक गायब_। आते में चिमूटभर चूना मिलाकर, कडीपत्ता चटनी, जवस चटनी, तिल चटनी, शेवगा भरपूर उपयोग में लाकर _हड्डियों को स्ट्रॉन्ग_ रख सकते हैं। *फिटनेस मंत्र : सुबह थोड़ा समय दीर्घ श्वसन के लिए देकर फेफड़े और पेट के स्नायुओं का व्यायाम सहज हो जाएगा। सुबह उठने के बाद या संध्या को भोजन से 2 घंटे पहले। दिनभर उपयोग में लाने वाली चप्पल चमड़े की लेकर रोज उस पर एरंड तेल का कापस का बोला फेरकर उस चप्पल को दिनभर उपयोग में लाकर _टाच दर्द को हमेशा के लिए बाय_ दें। ============== सभी को हम खुश रखते हैं, लेकिन खुद को खुश रखने के लिए मनमौजी बातें करने वाले दोस्तों को ढूंढकर खूब हंसें। अपने अंदर छिपे सुप्त गुणों को, मन के खोल कप्पे में दबे रुचि को इस निमित्त से ऊपर निकालें। खुद की पहचान बनाते हुए, निरामयता के रास्ते पर चलते हुए _"फिरुनी नवे जन्मेन मी"_ यह प्रॉमिस खुद से ही करें! _माहिती आवडली तर इतर ग्रुप वर शेअर करा

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