
Rama Devi Sahu
313 days ago
गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है। इसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। मुख्य बातें: दिनांक: यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। (इस वर्ष, 2025 में, अधिकांश स्थानों पर यह 22 अक्टूबर को मनाया जाएगा)। महत्व: इस पर्व की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण ने की थी, जब उन्होंने ब्रजवासियों को मूसलधार वर्षा से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था। यह इंद्र के अहंकार को चूर करने और प्रकृति की पूजा के महत्व को दर्शाने के लिए किया गया था। यह त्योहार प्रकृति के साथ मानव के सीधे संबंध को दिखाता है। इस दिन गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है, क्योंकि गायों को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और वे सुख-समृद्धि तथा स्वास्थ्य प्रदान करती हैं। पूजा विधि: लोग अपने घर के आंगन या मुख्य द्वार पर गोबर से गोवर्धन भगवान की प्रतिमा/आकृति बनाते हैं। शाम को गोवर्धन भगवान की पूजा की जाती है, जिसमें चावल, रोली, खीर, दूध, बताशे आदि अर्पित किए जाते हैं। भगवान को छप्पन भोग (56 प्रकार के व्यंजन) भी अर्पित किए जाते हैं, जिसे अन्नकूट कहा जाता है। गोवर्धन पर्वत की सात बार परिक्रमा की जाती है (या घर में बनाए गए गोवर्धन की)। गाय, बैल और कृषि में काम आने वाले पशुओं की भी पूजा की जाती है।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Oct 22, 2025
🌹🌹 Good Noon Jii 🌹🌹

Rakesh Kumar
Oct 22, 2025
good morning ji ❤️❤️❤️🌹🌹🌹🌹
