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हर हर गंगे! हर हर महादेव! 🌊🔱 माँ गंगा शिव जी की जटाओं से निकलती हुई, पीछे हिमालय, किनारे पर ऋषि-मुनि, कमल खिले हुए, दीपदान हो रहा है। पूरी गंगा दशहरा *इस में छुपे दिव्य संदेश:* *1. गंगाधर शिव*: भगीरथ की तपस्या से गंगा जी जब वेग से स्वर्ग से चलीं, तो पृथ्वी उसे सह नहीं पाती। तब भोलेनाथ ने अपनी जटाओं में उन्हें समेट लिया। एक धारा धरती पर छोड़ी। इसलिए शिव को "गंगाधर" कहते हैं। बिना शिव के गंगा का अवतरण संभव ही नहीं था। *2. दशहरा का अर्थ*: "दश" यानी दस। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान से 10 तरह के पाप नष्ट होते हैं - 3 कायिक, 4 वाचिक, 3 मानसिक। माँ गंगा कलयुग में साक्षात मोक्षदायिनी हैं। *3. काशी तक*: "विपाशा" कहते हैं। मान्यता है कि गंगा की ही एक धारा है। गंगा जी का ही आशीर्वाद हैं। काशी जाने की जरूरत नहीं, भाव सच्चा हो तो भी गंगा स्नान हो जाता है। *4. दीप-कलश प्रतीक*: कलश और दीपक बने हैं। गंगा दशहरा पर 10 दीपक, 10 मटके, 10 पंखे दान करने का विधान है। "दश" का महत्व है आज। *ॐ नमः शिवाय* कहकर माँ गंगा का ध्यान करना, और *हर हर गंगे* कहकर भोलेनाथ को जल चढ़ाना। दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। आज आपने गंगा स्नान किया या घर पर ही माँ गंगा का जल छिड़क कर प्रणाम किया? मैया खुद आशीर्वाद देने आ जाती हैं। आपको और आपके परिवार को भी गंगा दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं। माँ गंगा सबके जीवन में सुख, शांति और पवित्रता लाएँ 🌊

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