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यह सुंदर छवि भगवान श्रीराम के दो भव्य रूपों को दर्शा रही है — एक "बालक राम" के रूप में और दूसरा "राजा राम" के रूप में। दोनों स्वरूप अत्यंत मनोहारी हैं, और हमें उनके जीवन के दो महत्वपूर्ण पहलुओं की झलक देते हैं — बाल लीला और राज धर्म। इस भावना को एक प्रेरणादायक कविता के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है: बालक भी तू, राजा भी तू, मर्यादा की मूरत साजा भी तू। शिशु भाव में भोला-भाला, सिंहासन पर धर्म रखवाला। कोमल चरणों में कृपा समाई, न्याय की तलवार भी चलवाई। एक रूप में ममता की गूंज, दूजे में नीति की तेज़ तरुंज। तू ही अयोध्या का दीप बना, हर युग का पथ प्रदीप बना। बालक राम से राजा राम तक, तेरी लीला अमर अनंत तक। जय श्रीराम! 🙏

Comments (2)

Deepak  karki

Deepak karki

Jun 8, 2025

राम राम जी शुभरात्री ब'दन जी

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jun 8, 2025

Raghupati Raghav Raja Ram Patit pavan Sita Ram 🙏 Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏🌹🌹