
Rama Devi Sahu
2 days ago
*खासकर अपने बच्चों को बताएं क्योंकि ये बात उन्हें कोई दूसरा व्यक्ति नहीं बताएगा* -दो पक्ष- कृष्ण पक्ष , शुक्ल पक्ष ! - तीन ऋण - देव ऋण , पितृ ऋण , ऋषि ऋण ! -चार युग - सतयुग , त्रेतायुग , द्वापरयुग , कलियुग ! -चार धाम - द्वारिका , बद्रीनाथ , जगन्नाथ पुरी , रामेश्वरम धाम ! - चारपीठ - शारदा पीठ ( द्वारिका ) ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम ) गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) , शृंगेरीपीठ ! -चार वेद- ऋग्वेद , अथर्वेद , यजुर्वेद , सामवेद ! - चार आश्रम - ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वानप्रस्थ , संन्यास ! -चार अंतःकरण - मन , बुद्धि , चित्त , अहंकार ! - पञ्च गव्य - गाय का घी , दूध , दही , गोमूत्र , गोबर ! -पंच तत्त्व - पृथ्वी , जल , अग्नि , वायु , आकाश ! -छह दर्शन - वैशेषिक , न्याय , सांख्य , योग , पूर्व मिसांसा , दक्षिण मिसा। -छह दर्शन- हिन्दू दर्शन के छह मुख्य विद्यालयों को संदर्भित करते हैं, जिन्हें षडदर्शन भी कहा जाता है। ये हैं: (१)न्याय, (२)वैशेषिक, (३)सांख्य, (४)योग, (५)मीमांसा और (६)वेदांत। ये छह शास्त्र, हिन्दू दर्शन के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करते हैं और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं (1) न्याय:- यह ज्ञान और तर्कशास्त्र का शास्त्र है तर्क और प्रमाण के सिद्धांतों से संबंधित है. 2. वैशेषिक: यह पदार्थ और परमाणुओं के सिद्धांतों से संबंधित है. 3. सांख्य: यह पुरुष (चेतना) और प्रकृति (पदार्थ) के द्वैत पर केंद्रित है. 4. योग: यह मन और शरीर को नियंत्रित करने और मोक्ष प्राप्त करने के लिए अभ्यास का एक तरीका है. 5. मीमांसा: यह वेदों के कर्मकांड और अनुष्ठानों से संबंधित है. 6. वेदांत: यह वेदों के ज्ञान और ब्रह्म (अंतिम वास्तविकता) की प्रकृति से संबंधित है. उपनिषदों के दार्शनिक विचारों का अध्ययन करता है, और ब्रह्म (ब्रह्मांड का परम सत्य) की प्रकृति पर केंद्रित है. ये छह शास्त्र, हिन्दू धर्म के अभिन्न अंग हैं और जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करते हैं, जिनमें ज्ञान, पदार्थ, चेतना, कर्म, और परम सत्य शामिल हैं. -सप्त ऋषि - विश्वामित्र , जमदाग्नि , भरद्वाज , गौतम , अत्री , वशिष्ठ और कश्यप! - सप्त पुरी - अयोध्या पुरी , मथुरा पुरी , माया पुरी ( हरिद्वार ) , काशी , कांची ( शिन कांची - विष्णु कांची ) , अवंतिका और द्वारिका पुरी ! -आठ योग - यम , नियम , आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार , धारणा , ध्यान एवं समाधि -दस दिशाएं - पूर्व , पश्चिम , उत्तर , दक्षिण , ईशान , नैऋत्य , वायव्य , अग्नि आकाश एवं पाताल -बारह मास - चैत्र , वैशाख , ज्येष्ठ , अषाढ , श्रावण , भाद्रपद , अश्विन , कार्तिक , मार्गशीर्ष , पौष , माघ , फागुन -पंद्रह तिथियाँ- प्रतिपदा , द्वितीय , तृतीय , चतुर्थी , पंचमी , षष्ठी , सप्तमी , अष्टमी , नवमी , दशमी , एकादशी , द्वादशी , त्रयोदशी , चतुर्दशी , पूर्णिमा , अमावास्या ! -स्मृतियां - मनु , विष्णु , अत्री , हारीत , याज्ञवल्क्य , उशना , अंगीरा , यम , आपस्तम्ब , सर्वत , कात्यायन , ब्रहस्पति , पराशर , व्यास , शांख्य , लिखित , दक्ष , शातातप , वशिष्ठ ! इस पोस्ट को अधिकाधिक शेयर करें जिससे सबको हमारी सनातन भारतीय संस्कृति का ज्ञान हो। ऊपर जाने पर एक सवाल ये भी पूँछा जायेगा कि अपनी अँगुलियों के नाम बताओ । जवाब:- अपने हाथ की छोटी उँगली से शुरू करें :- (1)जल (2) पथ्वी (3)आकाश (4)वायू (5) अग्नि ये वो बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होंगी । 5 जगह हँसना करोड़ो पाप के बराबर है 1. श्मशान में 2. अर्थी के पीछे 3. शौक में 4. मन्दिर में 5. कथा में सिर्फ 1 बार भेजो बहुत लोग इन पापो से बचेंगे ।। अकेले हो? परमात्मा को याद करो । परेशान हो? ग्रँथ पढ़ो । उदास हो? कथाए पढो । टेन्शन मे हो? भगवत गीता पढो । फ्री हो? अच्छी चीजे फोरवार्ड करो हे परमात्मा हम पर और समस्त प्राणियो पर कृपा करो...... सूचना क्या आप जानते हैं ? हिन्दू ग्रंथ रामायण, गीता, आदि को सुनने,पढ़ने से कैन्सर नहीं होता है बल्कि कैन्सर अगर हो तो वो भी खत्म हो जाता है। व्रत,उपवास करने से तेज़ बढ़ता है,सर दर्द और बाल गिरने से बचाव होता है । आरती----के दौरान ताली बजाने से दिल मजबूत होता है । ये मेसेज असुर भेजने से रोकेगा मगर आप ऐसा नही होने दे और मेसेज सब नम्बरो को भेजे । श्रीमद भगवत गीता पुराण और रामायण । . ''कैन्सर" एक खतरनाक बीमारी है... बहुत से लोग इसको खुद दावत देते हैं ... बहुत मामूली इलाज करके इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है ... अक्सर लोग खाना खाने के बाद "पानी" पी लेते है ... खाना खाने के बाद "पानी" ख़ून में मौजूद "कैन्सर "का अणु
Comments (4)

Rama Devi Sahu
Sep 21, 2026
सुप्रभात। शुभ और सुखद सोमवार। देवाधिदेव श्री गौरी शंकर और प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की कृपा सदा हम सब पर बनी रहे। हार्दिक शुभकामनाएं। हर हर महादेव। ॐ नमः शिवाय। हरि ॐ। 🌹🙏

सविता
Sep 21, 2026
कर्म और फल: "शिव वह नहीं देते जो आप चाहते हैं, बल्कि वह देते हैं जो आपकी आत्मा और जीवन के लिए वास्तव में सही है।"

Rama Devi Sahu
Sep 21, 2026
🎎आप पर बाबा भोलेनाथ की कृपा सदा बनी रहे🔱 *आपका दिन शुभ और मंगलमय हो 🥰Beautiful Good morning Friends🥰🕉️Om namah Shivay 🕉️ 💐Happy Monday Dear.Have A blessed New Week🌹🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱🙏

Sanjay Ahlawat
Sep 21, 2026
बहुत ही सुन्दर जानकारी दी है धन्यवाद
