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Rama Devi Sahu

19 days ago

*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 11 अगस्त 2026* *⛅दिन - मंगलवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - श्रावण* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - चतुर्दशी मध्यरात्रि 01:52 तक तत्पश्चात् अमावस्या* *⛅नक्षत्र -‌ पुनर्वसु सुबह 10:09 तक तत्पश्चात् पुष्य* *⛅योग - सिद्धि शाम 06:51 तक तत्पश्चात् व्यतीपात* *⛅राहुकाल - दोपहर 03:47 से शाम 05:25 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:01* *⛅सूर्यास्त - 07:02 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:34 से प्रातः 05:18 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:06 से दोपहर 12:58 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:10 से मध्यरात्रि 12:54 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - मासिक शिवरात्रि, द्वितीय मंगला गौरी व्रत, व्यतीपात योग (शाम 06:51 से दोपहर 03:26 अगस्त 12 तक)* *🌥️विशेष - चतुर्दशी को स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 👉🏻 *11 अगस्त के दुर्लभ महायोग पर चूकें नहीं! शिवलिंग पर 1 बेलपत्र का करें यह गुप्त उपाय, धन-धान्य बढ़ता ही रहेगा*⤵️ 🌷 *नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए* 🌷 ➡ *12 अगस्त 2026 बुधवार को दर्श अमावस्या, श्रावण अमावस्या और हरियाली अमावस्या है।* 🏡 *घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।* 🌷 *अमावस्या* 🌷 🙏🏻 *अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)* 🌷 *धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए* 🌷 🔥 *हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।* 🍛 *सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।* 🔥 *विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।* 🔥 *आहुति मंत्र* 🔥 🌷 *१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः* 🌷 *२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः* 🌷 *३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः* 🌷 *४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः* 🌷 *५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

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