
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
186 days ago
राधे राधे ॥ आज का भगवद् चिन्तन २५ फरवरी २०२६ ______*बुराई सुनने से भी बचें* 🕉️किसी की बुराई करना और किसी की बुराई सुनना, दोनों ही वैचारिक दुर्बलता के लक्षण हैं। जो लोग आपके सामने दूसरों की बुराई करते हैं, सच समझना निश्चित ही वो लोग दूसरों से आपकी बुराई भी करते होंगे। बुरा करना ही गलत नहीं है अपितु बुरा सुनना भी गलत है। हम प्रतिदिन जैसा सुनते हैं, देखते हैं , वही होने भी लग जाते हैं। स्वस्थ अथवा स्वच्छ विचार ही जीवन की प्रसन्नता का मूल है। 🕉️उन लोगों से अवश्य ही सावधान रहने की आवशयकता है, जिन्हें दूसरों की बुराई करने में रस की प्राप्ति होती हो। विचारों का प्रदूषण विज्ञान से नहीं अपितु स्वयं के अन्तः ज्ञान से ही मिटाया जा सकता है। विचारों का प्रदूषण फैलने का कारण हमारी वो आदतें हैं जिन्हें किसी की बुराई सुनने में रस आने लगता है। 🕉️बुराई को सुनना, बुराई को चुनना जैसा ही है क्योंकि जब हम बुराई सुनना पसंद करते हैं तो बुराई का प्रवेश हमारे विचारों के माध्यम से हमारे आचरण में स्वतः होने लगता है। जय श्री कृष्ण
Comments (2)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 25, 2026
ରାଧେ ରାଧେ ଧୋରୋନର 🙏

Rama Devi Sahu
Feb 25, 2026
🙏‼️ Radhey Radhey ‼️🙏
