
Rama Devi Sahu
95 days ago
जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं, और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं!! इस पोस्ट को तब तक बार - बार पढ़ना,जब तक कही गई बात हृदय में न उतर जाए!! कभी सोचा है कि जो भगवान सर्वसमर्थ है, वो फिर शबरी के घर चल कर क्यों जाता है, विदुर के घर साग क्यों खाता है, महाभारत में राजा बनकर लड़ने की जगह सारथी बनकर मार्गदर्शन क्यों करता है, सुदामा के द्वारिका पहुंचने पर नंगे पैर दौड़ पड़ता है, जो भगवान सर्व शक्तिमान है, वो अपने सच्चे भक्त के बस में हो जाता है, इसका मतलब इतना तो समझ आ ही गया होगा, की भगवान सरल लोगों को ही प्राप्त होता है, अगर आप में अहंकार है वो किसी भी तरह का हो, भगवान आपको प्राप्त नहीं होगा, हां इतना जरूर है जब आपका हृदय अहंकार रहित होकर निर्मल हो जायेगा, तो उसमें ईश्वर प्रकट रूप में आ जायेंगे और जिसके साथ ईश्वर साक्षात रूप में हैं उसको फिर किसी चीज़ की कमी नहीं, जहां अहंकार है वहां भगवान नहीं, और जहां भगवान है वहां अहंकार नहीं। 🌷🌷श्रीԶเधे_Զเधे🌷🌷 🙏🌷जय जय श्रीराधेय्य्य्य राधेय्य्य्यय्य्य्य्य्🌷🙏
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