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हमारा दिमाग इतना नाजुक है कि अगर वो सीधा खोपड़ी को छू ले तो सच में वहीं मौत हो जाए। दिमाग मक्खन से भी ज्यादा मुलायम होता है, और खोपड़ी पत्थर जैसी सख्त। प्रकृति ने इसी लिए इसको 13 परतों की बुलेट-प्रूफ जैकेट पहनाई है। बाहर से अंदर तक समझते हैं - लेयर 1 से 5 : खोपड़ी के ऊपर - आपका Scalp जो हमें सिर्फ बाल और खाल दिखती है, वो असल में 5 लेयर है - *1. Skin -* बाहर की चमड़ी *2. Connective Tissue -* जिसमें खून की नसें हैं *3. Galea Aponeurotica -* एक बहुत मजबूत टोपी जैसी मसल *4. Loose Areolar Tissue -* फिसलने वाली परत, इसी वजह से चोट लगने पर खोपड़ी की खाल खिसक जाती है और दिमाग बच जाता है *5. Pericranium -* हड्डी से चिपकी आखिरी परत लेयर 6 से 8 : आपकी खोपड़ी - 3 लेयर का सैंडविच ये कोई एक हड्डी नहीं है। कार के बम्पर की तरह बनी है - *6. Outer Table -* बाहर की सख्त हड्डी *7. Diploe -* बीच वाली स्पंज जैसी हड्डी, जो झटका सोख लेती है। कार के Crumple Zone जैसा काम करती है। *8. Inner Table -* अंदर की चिकनी हड्डी लेयर 9 से 11 : असली हीरो - Meninges ये दिमाग की अपनी प्राइवेट सुरक्षा है, जिसे मैनिंजेस कहते हैं - *9. Dura Mater -* सबसे मजबूत, चमड़े जैसी परत। लैटिन में Dura का मतलब ही है "कठोर"। *10. Arachnoid Mater -* मकड़ी के जाले जैसी। इसी के नीचे वो जादुई पानी बहता है। *11. Pia Mater -* दिमाग से बिल्कुल चिपकी हुई, नाजुक परत, जो हर नस में खून पहुंचाती है। लेयर 12 और 13 : जादुई पानी और लॉक सिस्टम *12. CSF - Cerebrospinal Fluid* सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारे दिमाग का वजन 1.4 किलो है। अगर इतना वजन हम लेकर घूमें तो अपनी ही नसें दबा देगा। लेकिन इस पानी में तैरने की वजह से इसका वजन सिर्फ 50 ग्राम रह जाता है। ये High-Tech Hydraulic Shock Absorber है। और रात को यही पानी आपका *Washing Machine* बन जाता है। जब आप गहरी नींद में होते हो, तो ये दिमाग की कोशिकाओं के बीच घुस कर दिन भर का सारा जहरीला कचरा, प्रोटीन, धोकर बाहर फेंक देता है। अगर ये धुलाई एक रात भी न हो, तो वही कचरा जमा होकर Alzheimer जैसी बीमारी बन जाता है। इसीलिए नींद इतनी जरूरी है। *13. Sutures - लचीले जोड़* बच्चे के पैदा होते ही खोपड़ी पूरी तरह बंद नहीं होती। बीच में नरम जगह होती है जिसे fontanelle कहते हैं। ताकि दिमाग बढ़ सके। बड़े होने पर ये हड्डियाँ आरी जैसे दांतों से आपस में लॉक हो जाती हैं, जिन्हें Sutures कहते हैं। तो कुल मिलाकर - 5 (Scalp) + 3 (खोपड़ी) + 3 (Meninges) + 1 (CSF) + 1 (Sutures Lock) = *13 लेयर* इसीलिए आप जिम में भारी वजन उठाते हो, कूदते हो, हंसते हो तो भी दिमाग हिलता नहीं। कुदरत ने इसे 13 पर्दों के अंदर एक तिजोरी में बंद करके रखा है। सबसे खतरनाक है - आपके दिमाग की *13 लेयर के बाद भी 14वीं लेयर* है, जो आँखों से दिखती ही नहीं। 14वीं लेयर - Blood-Brain Barrier (BBB) आपके पूरे शरीर में दवाइयाँ, इंफेक्शन, खून आसानी से पहुँच जाता है, लेकिन दिमाग में नहीं। दिमाग की नसों में एक ऐसा फिल्टर लगा है जो 98% जहर, बैक्टीरिया और दवाओं को ही अंदर आने नहीं देता। इसी वजह से - - आपको जुकाम होता है पर दिमाग को जुकाम नहीं होता। - कोई भी एंटीबायोटिक दिमाग तक आसानी से नहीं पहुंचती, इसलिए दिमाग का इंफेक्शन सबसे खतरनाक माना जाता है। ये चौकीदार इतना सख्त है कि कई बार अच्छी दवाओं को भी रोक देता है। 2 बातें और जो आपको हैरान कर देंगी - *1. दिमाग में दर्द होता ही नहीं है* आपका दिमाग काटो, जलाओ, उसमें सुई चुभाओ - आपको दर्द महसूस नहीं होगा, क्योंकि दिमाग में दर्द की कोई नस ही नहीं है। सिर दर्द असल में होता है तो उन 11 मैनिंजेस, खोपड़ी के बाहर की नसों और Scalp में होता है। इसीलिए डॉक्टर बेहोश किए बिना भी दिमाग का ऑपरेशन कर लेते हैं और मरीज बात करता रहता है। *2. आपका CSF रोज 4 बार बदलता है* ये पानी एक बार बनके पड़ा नहीं रहता। आपका शरीर एक दिन में 500 ml CSF बनाता है, जबकि दिमाग के आस-पास एक बार में सिर्फ 150 ml ही रहता है। मतलब हर 6 घंटे में पूरा पानी नया आ जाता है। जैसे RO का फिल्टर। *3. हेलमेट क्यों जरूरी है, अब समझिए* जब बाइक से गिरते हैं तो पहली 5 लेयर (Scalp) फट जाती है, 3 लेयर (खोपड़ी) क्रैक होती है, लेकिन अगर Diploe और CSF झटका नहीं संभाल पाए तो दिमाग अंदर जाकर Inner Table से टकराता है। उसी को Concussion कहते हैं। हेलमेट असल में आपकी 13 लेयर के ऊपर 14वीं लेयर बन जाता है। आपको क्या लगता है - दिन में सोने से भी रात वाली वाशिंग मशीन चलती है क्या? चलती है - पर रात जितनी तेज नहीं। दिमाग की वाशिंग मशीन को वैज्ञानिक *Glymphatic System* कहते हैं। *रात को क्या होता है -* जब आप रात को गहरी नींद (Deep NREM Sleep) में जाते हो, तो दिमाग की कोशिकाएं 60% तक सिकुड़ जाती हैं। उनके बीच में जगह बन जाती है। तब CSF बहुत तेज़ी से घुस कर सारा दिन भर का कचरा - जैसे Amyloid प्रोटीन - धो देता है। *दिन में झपकी लेने पर क्या होता है -* दिन की 20-30 मिनट की झपकी में आप अक्सर हल्की नींद में ही रहते हो, गहरी नींद तक पहुँचते ही नहीं। इसलिए कोशिक

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