
Rama Devi Sahu
181 days ago
2 मार्च की रात्रि में होलिका दहन किया जाएगा, भद्रा मुख का त्याग करके भद्रा पुच्छ में रात्रि 12:50 से पूर्व होलिका दहन करना शुभ है। होलिका दहन के समय होलिका की अग्नि में आहुति दी जाती है, जिसमें भुट्टे, नारियल, गेहूं, कच्चे आम, उड़द, मूंग, चावल का उपयोग किया जाता है। 3 मार्च को को चंद्र ग्रहण शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा, उदिया तिथि में पूर्णिमा होने के कारण इस दिन भी होलिका दहन किया जा सकता है, लेकिन 2 मार्च की रात्रि में होलिका दहन किया जाना उपयुक्त है। स्थान विशेष और विद्वानों के मतानुसार, अंतिम निर्णय स्थानीय परम्पराओं के अनुसार ही किया जाना चाहिए। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 02 मार्च को शाम 05 बजकर 55 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 03 मार्च को शाम 05 बजकर 07 मिनट पर होगा। ज्योतिषियों की मानें तो 02 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा, क्योंकि 03 मार्च चंद्र ग्रहण लग रहा है। साथ ही 04 मार्च को होली मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में करना शुभ होता है, प्रदोष काल में होलिका जलाने का विधान है। होलिका दहन के समय होलिका की अग्नि में आहुति दी जाती है, जिसमें भुट्टे, नारियल, गेहूं, कच्चे आम, उड़द, मूंग, चावल का उपयोग किया जाता है। होलिका दहन करते समय होलिका मंत्र-असृक्पाभयसंत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिषै:। अतस्तवां पूजायिश्यामि भूते भूतिप्रदा भव, कहते हुए तीन परिक्रमा करनी चाहिये।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Mar 2, 2026
🌹🌹 Good Afternoon Jii 🌹🌹 🎉🎉 Happy Holi hai 🎉🎉

Rakesh Kumar
Mar 2, 2026
happy holi 🎈🎈🎈🎈
