
Rama Devi Sahu
38 days ago
☀ *प्रेरक कथा* ☀ 🥳 *सकारात्मक विचार* 🥳 एक दिन एक व्यक्ति ऑटो से रेलवे स्टेशन जा रहा था। ऑटो वाला बड़े आराम से ऑटो चला रहा था। एक कार अचानक ही पार्किंग से निकलकर रोड पर आ गयी। ऑटो चालक ने तेजी से ब्रेक लगाया और कार, ऑटो से टकराते टकराते बची। कार चालक गुस्से में ऑटो वाले को ही भला-बुरा कहने लगा जबकि गलती कार- चालक की थी। ऑटो चालक एक सत्संगी और अपने गुरु के उपदेश को मानने वाला था उसने यही उपदेश सुना था कि किसी को भी भला-बुरा नहीं कहना चाहिए अत: उसने कार वाले की बातों पर गुस्सा नहीं किया और क्षमा माँगते हुए आगे बढ़ गया। ऑटो में बैठे व्यक्ति को कार वाले की हरकत पर गुस्सा आ रहा था और उसने ऑटो वाले से पूछा तुमने उस कार वाले को बिना कुछ कहे ऐसे ही क्यों जाने दिया। उसने तुम्हें भला-बुरा कहा जबकि गलती तो उसकी थी। हमारी किस्मत अच्छी है, नहीं तो हम उसकी वजह से अभी अस्पताल में होते। ऑटो वाले ने कहा साहब बहुत से लोग गार्बेज ट्रक (कूड़े से भरे ट्रक) की तरह होते हैं। वे बहुत सारा कूड़ा अपने दिमाग में भरे हुए चलते हैं। जिन चीजों की जीवन में कोई ज़रूरत नहीं होती उनको मेहनत करके जोड़ते रहते हैं जैसे क्रोध, घृणा, चिंता, निराशा आदि। जब उनके दिमाग में इनका कूड़ा बहुत अधिक हो जाता है तो वे अपना बोझ हल्का करने के लिए इसे दूसरों पर फेंकने का मौका ढूँढ़ने लगते हैं। इसलिए मैं ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखता हूँ और उन्हें दूर से ही मुस्कराकर विदा कह देता हूँ। क्योंकि अगर उन जैसे लोगों द्वारा गिराया हुआ कूड़ा मैंने स्वीकार कर लिया तो मैं भी एक कूड़े का ट्रक बन जाऊँगा और अपने साथ साथ आसपास के लोगों पर भी वह कूड़ा गिराता रहूँगा। मैं सोचता हूँ मनुष्य जीवन बहुत ही सुन्दर है इसलिए जो हमसे अच्छा व्यवहार करते हैं उन्हें धन्यवाद कहो और जो हमसे अच्छा व्यवहार नहीं करते उन्हें मुस्कुराकर क्षमा कर दो। हमें यह याद रखना चाहिए कि सभी मानसिक रोगी केवल अस्पताल में ही नहीं रहते हैं। कुछ हमारे आस-पास खुले में भी घूमते रहते हैं । प्रकृति के नियम: यदि खेत में बीज न डाले जाएँ तो कुदरत उसे घास-फूस से भर देती है। उसी तरह से यदि दिमाग में सकारात्मक विचार न भरें जाएँ तो नकारात्मक विचार अपनी जगह बना ही लेते हैं। दूसरा नियम है कि जिसके पास जो होता है वह वही बाँटता है। "सुखी" सुख बाँटता है, "दु:खी" दुःख बाँटता है, "ज्ञानी" ज्ञान बाँटता है, भ्रमित भ्रम बाँटता है, और "भयभीत" भय बाँटता है। जो खुद डरा हुआ है वह औरों को डराता है, दबा हुआ दबाता है ,चमका हुआ चमकाता है। कृपया पोस्ट को अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर कीजिए 🙏
Comments (6)

Rama Devi Sahu
Jul 24, 2026
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan Ji 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jul 24, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌹 Shubha Sandhya Vandan Ji 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jul 24, 2026
🙏‼️ Om Shree Lakshmi Narayan Namo Namah ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan Ji 🙏🌹🌹

प्रेम कुमार
Jul 23, 2026
🌹🌹 ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹🌹 शुभ रात्रि वंदन बहना 🌹🌹

My Mandir good by
Jul 23, 2026
🙏 radhe radhe 🙏

R k jangid phulera Jaipur
Jul 23, 2026
जय श्री लक्ष्मी नारायण जी 🙏🌹🚩
