
Rama Devi Sahu
9 days ago
🧘♂️*"दिव्य जीवन गीत"😷* कर भला होगा भला, जीवन जीने की है कला; दिव्य जीवन की है कला। ।।१।। कर्म करो, निष्काम करो, पुण्य करो, परमार्थ करो; ह्रदय से प्रभु को प्रेम करो, योगी बनो, "पुरुषार्थ" करो। इसके बिना जीवन क्या है भला ? जीवन जीने की यह है कला ।।२।। शौच करो, स्वाध्याय करो; संतोष, ईश्वर प्रणीधान करो, प्राणायाम, प्रत्याहार करो, तपस्वी बनो, परोपकार करो। इसके बिना जीवन क्या है भला ? जीवन जीने की है यह कला।।३।। सज्जनों से मैत्री करो, दुष्टों की उपेक्षा करो। माता पिता की सेवा करो, गुरुजनों का सम्मान करो। इसके बिना जीवन क्या है भला ? जीवन जीने की है यह कला।।४।। प्रात: नित्य भ्रमण करो, आसन जमा कर संध्या करो। अल्प संतुलित आहार करो, धर्मपूर्वक आर्थोपार्जन करो। इसके बिना जीवन क्या है भला ? जीवन जीने की है यह कला।।५।। खुशी से रहो, शांति से रहो, प्रसन्न दिव्य जीवन में रहो। समाज राष्ट्र की सेवा करो, श्रद्धा पूर्वक "योगाभ्यास" करो। इसके बिना जीवन क्या है भला ? जीवन जीने की है यह कला।।६।। कर भला, होगा भला, "जिज्ञासु साधक" की है यह कला।।🧘♂️
Comments (4)

Rama Devi Sahu
Sep 11, 2026
‼️🙌‼️ आज का सुंदर विचार ‼️🙌‼️ मनुष्य की चाल धन से भी बदलती है और धर्म से भी बदलती है.. जब धन संपन्न होता है तब अकड़ कर चलता है, और जब धर्म संपन्न होता है, तो विनम्र होकर चलता है..!! ज़िंदगी भले छोटी देना मेरे भगवन्.. मगर देना ऐसी, कि सदियों तक लोगों के दिलों में जिंदा रहूँ और हमेशा अच्छे कर्म कर सकूँ..!!

R k jangid phulera Jaipur
Sep 11, 2026
अति सुंदर जय श्री हरि विष्णु 🌹🙏

Rama Devi Sahu
Sep 11, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey Ji 🌹 Good Afternoon Ji 🌹🌹

Sanju ❤️
Sep 11, 2026
bhut acha Radhe Radhe 👏
