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Rama Devi Sahu

67 days ago

निर्जला एकादशी सबसे कठिन एकादशी मानी जाती है क्योंकि इसमें बिना पानी और अन्न के व्रत रखा जाता है। 2026 में यह 25 जून, बुधवार को पड़ेगी। इस दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने और मनोकामना पूरी करने के लिए ये 7 उपाय सबसे शुभ माने गए हैं: c73e निर्जला एकादशी पर करने योग्य 7 उपाय विष्णु सहस्रनाम + पीले वस्तुओं का दान सुबह स्नान करके पीले कपड़े पहनें। भगवान विष्णु को पीला फूल, चना दाल, केसर, पीली मिठाई अर्पित करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन में ज्ञान-समृद्धि आती है। जल दान और छाया का दान गर्मी में पड़ने वाली इस एकादशी पर मिट्टी के घड़े, पंखा, छाता, तरबूज, आम, खीरा, नारियल दान करना बहुत पुण्यदायी है। गरीबों को पानी पिलाना, प्याऊ लगवाना या पशु-पक्षियों के लिए पानी रखना अनंत पुण्य देता है। तुलसी दल और तुलसी दान भगवान विष्णु को भोग में तुलसी जरूर चढ़ाएं, बिना तुलसी भोग स्वीकार नहीं होता। व्रत वाले दिन तुलसी का पौधा दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मंत्र जाप पूरे दिन मन में "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें। कम से कम 108 बार जप करने से विशेष फल मिलता है। भजन-कीर्तन और कथा श्रवण दिनभर शांत मन से भजन-कीर्तन करें। एकादशी व्रत कथा जरूर पढ़ें/सुनें - कथा के बिना व्रत अधूरा माना जाता है। क्रोध, झूठ, विवाद से बचें। मौन रहना सबसे अच्छा है, इससे एनर्जी बचती है। पूजा विधि ब्रह्म मुहूर्त 3:53 AM से 4:33 AM या अभिजित मुहूर्त 11:41 AM से 12:37 PM में पूजा करें। पीले वस्त्र पहनकर, भगवान विष्णु का पंचामृत + गंगाजल से अभिषेक करें। पीला चंदन, पीले फूल, तुलसी दल, फल चढ़ाएं। पारण का नियम व्रत अगले दिन 26 जून 2026, शुक्रवार को सुबह 5:25 AM से 8:13 AM के बीच खोलें। पारण से पहले ब्राह्मण या गरीब को भोजन कराएं, फिर एक गिलास शुद्ध जल पीकर सात्विक भोजन लें। इन 5 गलतियों से बचें चावल न खाएं - एकादशी पर चावल खाना दोष माना जाता है। तुलसी न तोड़ें - पूजा के लिए तुलसी पहले से तोड़कर रख लें। तामसिक भोजन-नशा न करें - लहसुन, प्याज, मांसाहार, शराब से दूर रहें। झूठ, क्रोध, निंदा न करें - मन में शांति और दया रखें। किसी का अपमान न करें - बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें। खास बात: मान्यता है कि सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत करने से साल की सभी 24 एकादशियों का पुण्य मिल जाता है। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं।

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