
Shobhit Bhardwaj
447 days ago
🔱 भगवान शिव का तांडव – एक दिव्य कथा 🔱 बहुत समय पहले की बात है... जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष द्वारा भगवान शिव का अपमान होते देखा, तो उन्होंने यज्ञ की अग्नि में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए। जब ये समाचार कैलाश पहुँचा, तो भगवान शिव का क्रोध रौद्र रूप ले चुका था। उन्होंने अपनी जटाएं झटक दीं, और वहीं से प्रकट हुए — वीरभद्र और भद्रकाली। यज्ञ को नष्ट कर दिया गया... लेकिन शिव का ग़ुस्सा फिर भी नहीं थमा। फिर हुआ वो, जो आज भी ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली घटना मानी जाती है — भगवान शिव ने किया रूद्र तांडव। तीनों लोक काँप उठे, पृथ्वी डोलने लगी, आकाश में अग्नि की वर्षा होने लगी। देवता तक भयभीत हो गए। तब भगवान विष्णु और ब्रह्मा ने विनती की... और अंततः शिव शांत हुए। ध्यान में लीन होकर, उन्होंने अपने क्रोध को नृत्य और सृजन में बदल दिया। 🌟 शिव का संदेश सरल है: "क्रोध को कला में बदलो, तभी वह विनाश से सृजन बनता है।" 🙏 हर हर महादेव! 🙏

Comments (4)

Deepak karki
Jun 10, 2025
Om namah shivaya har har Mahadev

प्रभा त्रिपाठी
Jun 9, 2025
ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव 🙏

प्रेम कुमार
Jun 9, 2025
🌹🌹 ऊं नमो शिवाय 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jun 9, 2025
Har Har Mahadev 🙏🌿🔱🌺
