
Rama Devi Sahu
118 days ago
⚜️प्रभु जगन्नाथ हमारे चिरस्थायी मार्गदर्शक, आपकी शक्ति और विश्वास।🙏🏻😮 ⚜️प्रचंड लहरों के बीच, अंधेरी थी वो रात, डूबता था एक भक्त, टूट चुकी थी हर आस। ✨आसमान भी रो रहा था, बिजली करती प्रहार, सागर की गर्जना में, खो गया जीवन का सार। ✨हाथ जोड़ पुकारा उसने— “हे प्रभु, अब तुम ही सहारा, जीवन नैया डगमगाती, पार करो ये किनारा।”😭 ✨आँखों में था भय गहरा, साँसें थीं थमने को, हर लहर जैसे आई, उसको निगलने को।😮 ✨तभी अचानक चमकी, एक दिव्य सी ज्योति, जल के मध्य प्रकट हुए, करुणा की मूर्ति।😮 ✨नीलवर्ण सा तेज, नेत्रों में अपार प्रकाश, वो थे प्रभु जगन्नाथ, भक्तों के विश्वास। ✨मुस्कुराकर बोले—🤔 “डरो मत मेरे लाल, मैं हूँ तुम्हारे साथ, न होगा अब कोई काल।”😮 ✨अपने विशाल भुजाओं से, उठाया उसे प्यार से, जैसे माँ संभाले बच्चे को, अपने आंचल के द्वार से। ✨लहरें भी शांत हो गईं, झुक गया सारा समुद्र, प्रभु के चरणों में ठहर गया, हर तूफानी क्रुद्ध। ✨भक्त के आँसू बहते, पर अब थे वो आनंद के, स्पर्श हुआ जब प्रभु का, मिट गए भय जीवन के। ✨किनारे तक लाकर उसे, धीरे से रखा भूमि पर, भक्त गिर पड़ा चरणों में, प्रेम भरे उस क्षण पर।😭 ✨कहने लगा— “हे नाथ, मैं कैसे करूँ उपकार, आपने बचा लिया जीवन, दिया फिर से संसार।”😢 ✨प्रभु बोले मुस्काकर— 🤔 “भक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति, सच्चे मन से जो पुकारे, उसकी सुनता हूँ मैं भक्ति।😮 ✨संकट चाहे कैसा हो, मत खोना विश्वास, हर अंधकार के बाद, आता है प्रकाश।” ✨इतना कहकर प्रभु, फिर से लीन हुए प्रकाश में, छोड़ गए अपने भक्त को, विश्वास के एहसास में। ✨भक्त खड़ा था वहीं, आँखों में प्रेम अपार, जान गया— प्रभु संग हैं, हर पल, हर बार।🤔 ✨जब भी जीवन डगमगाए, याद करो वो रात, जहाँ सागर भी झुक गया, प्रभु के प्रेम के साथ।🙏🏻😮 🙏🏻जय महाप्रभु जगन्नाथ कि जय...🙏🏻 #दारुव्रम्ह_जगन्नाथ 🐚🥀🙏🏻

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