
Rama Devi Sahu
140 days ago
दिल को दहला देने वाली कहानी। सच में इस कहानी से पता चलता है, की भगवान के घर कोई जाती,धर्म, मजहब नहीं ये तो हमने खुद बनाए हैं। क्योंकि उस परमात्मा को जो भी सच्चे दिल से याद करता है भगवान उसी के हो जाते हैं। तो आइए कहानी शुरू करते है। एक बार की बात है एक मुसलिम आदमी था जो रोज पान की दुकान पर पान खाने जाता था। एक दिन पान खाते खाते उस पान वाले की दुकान मैं लगी हुई कन्हैया की तस्वीर पर पड़ी। तो उसने पान वाले से पूछा भाई ये नन्हा बालक किसका है और इसका क्या नाम है। पान वाला बोला क्या आप इन्हें नहीं जानते? तो उस आदमी ने आश्चर्य से देख के मना कर दिया। तो वो पान वाला कहने लगा कि ये तो नन्हे कन्हैया की तस्वीर है। इतना सुनकर वो आदमी कहने लगा कि ये बालक बहुत सुन्दर है, घुंघराले बाल हैं, हाथ में मुरली भी मनोहर लगती है । लेकिन ये कंकड़ों से युक्त जमीन पर खड़े है , इसके पैरों में छाले पड़ जायेंगे तो। इसको चप्पल क्यों नहीं पहनाते हो । पान वाले ने जवाब दिया कि तुझे ज्यादा दया आ रही है तो तू ही पहना दे। ये बात उनके दिल में उतर गई और दूसरे दिन कन्हैया के लिए चप्पल खरीदकर ले आया और उस पान वाले से कहने लगे कि लो भाई मैं चप्पल ले आया बुलाओ कन्हैया को ओर ये चप्पल पहना दो। पान वाला बोला कि ये यहाँ नहीं रहते है। इनका रहना तो वृंदावन में है, वृंदावन जाओ। तो उसने पूछा की इसका पता तो बताओ कि वृंदावन में कहाँ रहता है पान वाला बोला इसका नाम कन्हैया है और वृंदावन के बांके बिहारी मन्दिर में रहता है। वो आदमी वहां से वृंदावन के लिए चल देता है।ओर वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में जैसे ही प्रवेश करने लगा तो मंदिर के पुजारी ने बाहर ही रोक दिया और कहा कि तुम दूसरे समाज के हो इसलिए तुम मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते। यह सुनकर उस आदमी के दिल को बहुत ठेस पहुंचती है, ओर वो ये सोचकर कि कभी तो कन्हैया बाहर निकलेंगे, मंदिर के गेट पे बैठ जाता है ओर इंतजार करने लगता है नन्हे कन्हैया का। लेकिन ये क्या इन्तजार करते-करते पूरा दिन निकल गया रात भी निकल गई । सुबह हो गई अचानक से उसके कानों में घुंघरूओं की आवाज आई लेकिन उसने खड़ा होकर चारों तरफ देखा कुछ दिखाई नहीं दिया लेकिन ये क्या जैसे ही वो अपने पैरों की तरफ देखा तो कन्हैया उसके चरणों में बैठा हुआ दिखाई देता हैं। कन्हैया को देखकर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लेकिन ये क्या कन्हैया के चरणों से खून निकल रहा है। ये देख कर उसनें कन्हैया को गोद में उठाकर उनके चरणों से खून साफ करने लगता है। खून साफ करते हुए उसने पूछा कि तुम तो मंदिर से आये हो फिर ये खून क्यों निकल रहे हैं। अब आगे क्या कहते हैं कन्हैया, अगर आपको अच्छा लगे तो फॉलो जरूर करें, मै समझूंगा की कन्हैया का आशीर्वाद मिल गया। कन्हैया कहते हैं कि बाबा बाबा मैं मन्दिर से नहीं गोकुल से पैदल चलकर आया हूँ । क्योंकि जैसे ही तुमने मेरी जैसी मूरत दिल में बसाई में उसी मूरत में तुम्हारे पास आया हूँ। इसलिए मुझे गोकुल से पैदल आना पड़ा है और पैरों में काँटे लग गये हैं। इतना सुनते ही उस आदमी ने उनको पहचान लिया कि ये ही है, मेरे मालिक , मेरे खुदा। ओर उसी दिन से बस वही पे कन्हैया के प्यार में लिप्त हो गए। ओर कहते है न कि भगवान हमेशा अपने भगत को हमेशा अपने दिल में रखते है। भगवान ने अपने भगत पे कृपा की ओर तभी से एक खान बाबा बन गए रसखान। जय हो कृष्ण कन्हैया लाल की।

Comments (12)

Umesh Sharma 🌹Radhe Radhe🌹
Apr 12, 2026
Radhe Radhe 🌹shubh ratri 🌹

Umesh Sharma 🌹Radhe Radhe🌹
Apr 12, 2026
Radhe Radhe 🌹

Saumya Sharma
Apr 12, 2026
बहुत ही सुन्दर पोस्ट के साथ रसखान का बेहतरीन प्रेरक प्रसंग 👌 👌👌 ऐसे ही हैं नटवर नागर 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Apr 12, 2026
जय श्री राधे कृष्ण मेरी प्यारी दीदी 🙏 शुभ मंगलकामनाओं के साथ शुभ रात्रि विश्राम 🙏 ठाकुर जी की कृपा से आप सदैव स्वस्थ रहें, समृद्ध एवं सुरक्षित रहें और अपनों के साथ हँसते मुस्कुराते रहें 🙏🌹☺️

Rama Devi Sahu
Apr 12, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌹 Shubha Ratri Jii 🌹🌹

प्रेम कुमार
Apr 12, 2026
🌹🌹 जय श्री कृष्णा राधे राधे 🌹🌹 शुभ रात्रि वंदन 🌹

Rama Devi Sahu
Apr 12, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey Boliye 🌹 Aaram se Soiye Subha Ratri Vishram Jii 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Apr 12, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey 🌷 Shubha Ratri 🌹 Jii 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Apr 12, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌷 Shubha Ratri Vishram Jii 🌹🌹

Renu sharma
Apr 12, 2026
Jai shree krishna radhe radhe shubh ratri Vandan
