
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
72 days ago
जय माता दी, शुभ रात्रि जी आज के रात्रि चिंतन का विषय है: **"शब्द और संस्कार"** जीवन में हम बहुत सी बातें करते हैं, बहुत से वादे करते हैं, लेकिन क्या हमारे शब्द हमारे संस्कारों की नींव पर टिके हैं? > **"मनुष्य की पहचान केवल उसके कार्यों से नहीं, बल्कि उन शब्दों से होती है जो वह किसी को दिए हुए वचन के रूप में चुनता है। जो व्यक्ति अपने शब्दों का मान नहीं रखता, वह अपने संस्कारों और चरित्र के महत्व को भी कहीं न कहीं पीछे छोड़ देता है।"** > आज के समय में जब हम नई पीढ़ी को दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं, तो यह याद रखना आवश्यक है कि बच्चे हमारे उपदेशों से कम और हमारे आचरण (कि हम अपनी कही हुई बात पर कितना अडिग रहते हैं) से ज्यादा सीखते हैं। अनुशासन केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि अपने दिए हुए शब्दों के प्रति पूर्ण ईमानदारी है। आशा है आज का दिन आपके और आपके परिवार के लिए मंगलमय रहा होगा। कल एक नई ऊर्जा और नई सीख के साथ फिर शुरुआत होगी। शुभ रात्रि। अपना और अपनों का ध्यान रखें।

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