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Rama Devi Sahu

250 days ago

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 23 दिसम्बर 2025* *⛅दिन - मंगलवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शिशिर* *⛅मास - पौष* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - तृतीया दोपहर 12 :12 तक तत्पश्चात् चतुर्थी* *⛅नक्षत्र - श्रवण पूर्ण रात्रि तक* *⛅योग - व्याघात शाम 04:30 तक तत्पश्चात् हर्षण* *⛅राहुकाल - दोपहर 03:07 से शाम 04:27 तक ( उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 07:05* *⛅सूर्यास्त - 05:47 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:18 से प्रातः 06:12 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:05 से दोपहर 12:48 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:00 से रात्रि 12:53 दिसम्बर 24 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 05:32 से प्रातः 07:05 तक), मंगलवारी चतुर्थी (दोपहर 12:12 से 24 दिसम्बर सूर्योदय तक)* *🌥️विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है एवं चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹मूँगफली है शक्तिवर्धक आहार🔹* *🔸मूँगफली का सेवन शरीर को शक्ति प्रदान करता है । बच्चों को यदि प्रतिदिन २०-२५ ग्राम मूँगफली खिला दी जाय तो उन्हें पोषक आहार की कमी का अनुभव नहीं होगा । बच्चों के विकास के लिए मूँगफली, चने, मूँग आदि प्रोटीनयुक्त आहार उचित मात्रा में खिलाने चाहिए । इन्हें रात में भिगोकर सुबह बच्चों कि पाचनशक्ति के अनुसार देना चाहिए । पाचनशक्ति कमजोर होने पर इन्हें उबालकर भी खाया जा सकता है । इनके सेवन से कमजोरी दूर होती है एवं शरीर में शक्ति-संचय होता है । ये अधिक श्रम एवं व्यायाम करनेवालों के लिए विशेष लाभदायी हैं ।* *🔹मूँगफली के लड्डू🔹* *🔹४०० ग्राम मूँगफली को धीमी आँच पर अच्छे-से-अच्छे सेंक लें । छिलके उतारकर दरदरा कूट लें । इसमें १०० ग्राम पुराना गुड़ व थोड़ी-सी इलायची मिलाकर इसके लड्डू बना लें । सर्दियों में इन लड्डुओं का सेवन रक्तवर्धक, हड्डियों को मजबूत करनेवाला व शरीर में गर्मी उत्पन्न करनेवाला हैं । मूँगफली का गजक या चिक्की भी सर्दियों में सेवनिय है ।* *🔹ध्यान दें : मूँगफली का सेवन अधिक मात्रा में न करें तथा मूँगफली खाने के तुरंत बाद पानी न पियें ।इसे चबा-चबाकर, सेंक के अथवा पानी में भिगो के खाने से यह सुपाच्य हो जाती है । मूँगफली पानी भिगोकर खाने से उसकी गर्म तासीर भी कम हो जाती है । मूँगफली के तेल के जो गुण इस लेख में दिए गये है वे कच्ची घानी के तेल के हैं, न कि रिफाइंड तेल के । रिफाइंड तेल यहाँ दिए गये गुणों से विपरीत गुणोवाला होता है ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

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