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Rama Devi Sahu

20 days ago

यह तस्वीर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कालिया नाग के मर्दन (दमन) की पौराणिक कथा को दर्शाती है, जिसे 'कालिया मर्दन' या 'कालिया दमन' के नाम से जाना जाता है। यह कथा श्रीमद् भागवत पुराण के 10वें स्कंध में वर्णित है।कथा का सारांशयमुना का विषैला होना: कालिया नाग, गरुड़ के भय से समुद्र छोड़कर यमुना नदी में आकर रहने लगा था। उसके भयंकर विष के कारण यमुना का जल इतना जहरीला हो गया था कि जो भी उसे पीता, उसकी मृत्यु हो जाती थी। यहाँ तक कि नदी के ऊपर से उड़ने वाले पक्षी भी विषैली फुँकार से मरकर गिर जाते थे।यमुना में छलांग: एक दिन जब ग्वाल-बाल और गायें यमुना का जल पीकर मूर्छित हो गए, तब बाल कृष्ण ने जल को शुद्ध करने का निर्णय लिया। खेल-खेल में उनकी गेंद यमुना में गिर गई और उसे लाने के बहाने कृष्ण ने नदी में छलांग लगा दी।भीषण युद्ध और नृत्य: नदी के भीतर कालिया नाग ने कृष्ण को अपने कुंडली (coils) में जकड़ लिया, लेकिन कृष्ण ने अपना शरीर विस्तार कर उसे मुक्त होने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद वे कालिया के फनों पर चढ़ गए और एक दिव्य ब्रह्मांडीय नृत्य करने लगे। कृष्ण के चरणों के प्रहार से कालिया का घमंड चूर हो गया और वह लहूलुहान होकर प्राणों की भीख मांगने लगा।नागपत्नियों की प्रार्थना: जब कालिया मृत्यु के करीब था, तब उसकी पत्नियाँ (नागिनें) जल से बाहर आईं और हाथ जोड़कर श्रीकृष्ण से अपने पति के प्राणों की रक्षा के लिए प्रार्थना करने लगीं। जैसा कि आप चित्र में देख सकते हैं, श्रीकृष्ण नाग के फन पर खड़े हैं और नागपत्नियाँ उनके चारों ओर प्रार्थना की मुद्रा में हैं।उद्धार और विदाई: नागपत्नियों की विनती और कालिया के समर्पण पर करुणा दिखाते हुए कृष्ण ने उसे क्षमा कर दिया। उन्होंने कालिया को यमुना छोड़कर 'रमणक द्वीप' जाने का आदेश दिया और उसे वरदान दिया कि उसके फनों पर कृष्ण के चरणों के चिह्न देखकर गरुड़ अब उस पर कभी हमला नहीं करेंगे।

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