
Rama Devi Sahu
232 days ago
ठगों को ठगने वाली फिल्म का आइडिया कानपुर का है.. यूपी पुलिस ने एक शॉर्ट फिल्म बनवाई है.. डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों को लेकर आम जनता में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से.. 5 मिनट 26 सेकेंड की है.. फिल्म में नाना पाटेकर ने एक रिटायर्ड रेलवे गार्ड का किरदार किया है.. मुंबई का एक इंस्पेक्टर बना साइबर ठग उन्हें कॉल करके एफआईआर होने की बात कहकर डराता है और 15 लाख रुपए मांगता है.. लेकिन नाना बड़े भोले अंदाज में ठग को ही ठग लेते हैं.. ये कहानी असली है.. नाना ने जिस किरदार की भूमिका निभाई है वो कानपुर के विश्वबैंक बर्रा का रहने वाला भूपेंद्र सिंह है.. भूपेंद्र को भी साइबर ठग ने कॉल कर धमकाया.. लेकिन वो समझ गया कि कॉल किसकी है.. बिल्कुल नाना पाटेकर वाले अंदाज में 16 साल का किशोर बनकर भूपेंद्र ने साइबर ठग से 10 हजार रुपए अपने खाते में डलवा लिए थे.. फिर ठग भी कई दिन तक भूपेंद्र को अपना रुपया वापस करने के लिए कॉल करता रहा था.. भूपेंद्र होशियार लड़का है.. तत्कालीन डीजीपी प्रशांत कुमार ने जब कानपुर में एक समारोह में उसको सम्मानित किया, तब मैं भी वहीं था.. भूपेंद्र को बुलाकर मैंने भी शाबाशी दी.. फिल्म जरूर देखिए और साइबर ठगी को लेकर जागरूक होइए..🙏🏻🙏🏻
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