
Saumya Sharma
173 days ago
जय श्री राम 🙏 जय बजरंगबली 🙏 एक बार राजा अज जंगल में भ्रमण करने के लिए गए थे तो उन्हें एक बहुत ही सुंदर सरोवर दिखाई दिया उस सरोवर में एक कमल का फूल था जो अति सुंदर प्रतीत हो रहा था ! उस कमल को प्राप्त करने के लिए राजा अज सरोवर में चले गए किंतु यह क्या राजा अज जितना भी उस कमल के पास जाते वह कमल उनसे उतना ही दूर हो जाता और राजा अज उस कमल को नहीं पकड़ पाया ! अंततः आकाशवाणी हुई कि हे राजन आप नि:संतान है आप इस कमल के योग्य नहीं है इस भविष्यवाणी ने राजा अज के हृदय में एक भयंकर घात किया था ! राजा अज अपने महल में लौट आए और चिंता ग्रस्त रहने लगे क्योंकि उन्हें संतान नही थी जबकि वह भगवान शिव के परम भक्त थे ! भगवान शिव ने उनकी इस चिंता को ध्यान में लिया और उन्होंने धर्मराज को बुलाया और कहा तुम किसी ब्राह्मण को अयोध्या नगरी पहुँचाओ जिससे राजा अज को संतान की प्राप्ति के आसार हो ! दूर पार एक गरीब ब्राह्मण और ब्राह्मणी सरयू नदी के किनारे कुटिया बनाकर रहते थे ! एक दिन वे ब्राह्मण राजा अज के दरबार में गए और उनसे अपनी दुर्दशा का जिक्र कर भिक्षा मांगने लगे ! राजा अज ने अपने खजाने में से उन्हें सोने की अशर्फियां देनी चाही लेकिन ब्राह्मण नहीं कहते हुए मना कर दिया कि यह प्रजा का है आप अपने पास जो है उसे दीजिए तब राजा अज ने अपने गले का हार उतारा और ब्राह्मण को देने लगे किंतु ब्राह्मण ने मना कर दिया कि यह भी प्रजा की ही संपत्ति है ! इस प्रकार राजा अज को बड़ा दुख हुआ कि आज एक गरीब ब्राह्मण उनके दरबार से खाली हाथ जा रहा है तब राजा अज शाम को एक मजदूर का बेश बनाते हैं और नगर में किसी काम के लिए निकल जाते है ! चलते -चलते वह एक लौहार के यहाँ पहुंचते है और अपना परिचय बिना बताए ही वहां विनय कर काम करने लग जाते हैं पूरी रात को हथौड़े से लोहे का काम करते हैं जिसके बदले में उन्हें सुबह एक टका मिलता है ! राजा एक टका लेकर ब्राह्मण के घर पहुंचते हैं लेकिन वहां ब्राह्मण नहीं था उन्होंने वह एक टका ब्राह्मण की पत्नी को दे दिया और कहा कि इसे ब्राह्मण को दे देना ! जब ब्राह्मण आया तो ब्राह्मण की पत्नी ने वह टका ब्राह्मण को दिया और ब्राह्मण ने उस टका को जमीन पर फेंक दिया तभी एक आश्चर्यजनक घटना हुई ब्राह्मण ने जहां टका फेंका था वहां गड्ढा हो गया ब्राह्मण ने उस गढ्ढे को और खोदा तो उसमें से सोने का एक रथ निकला तथा आसमान में चला गया इसके पश्चात ब्राह्मण ने और खोदा तो दूसरा सोने का रथ निकला और आसमान की तरफ चला गया इसी प्रकार से नौ सोने के रथ निकले और आसमान की तरफ चले गए और जब दसवाँ रथ निकला तो उस पर एक बालक था और वह रथ जमीन पर आकर ठहर गया ! ब्राह्मण उस बालक को लेकर राजा अज के दरबार में पहुंचे और कहा राजन - इस पुत्र को स्वीकार कीजिए यह आपका ही पुत्र है जो एक टका से उत्पन्न हुआ है तथा इसके साथ में सोने के नौ रथ निकले जो आसमान में चले गए जबकि यह बालक दसवें रथ पर निकला इसलिए यह रथ तथा पुत्र आपका है इस प्रकार से दशरथ जी का जन्म हुआ था ! महाराज दशरथ का असली नाम मनु था और ये दसों दिशाओं में अपना रथ लेकर जा सकते थे इसीलिए दशरथ नाम से प्रसिद्ध हुये !!

Comments (22)

Suresh Kumar
Mar 11, 2026
very sweet good morning,God bless you and your family my sweet sweet sister 🙏

Saumya Sharma
Mar 11, 2026
jai shree Radhey Krishna bhaiya ji 🙏 Good morning 🌞 Have a great day 🙏🌹☺️

Suresh Kumar
Mar 10, 2026
राधे राधे जी 🙏 शुभ रात्री वंदन मेरी बहन

Saumya Sharma
Mar 10, 2026
श्री राम रामेती रामेती, रामे रामे मनोरमे, सहस्त्र नाम तत्तुल्यं, राम नाम बरानने 🙏पोस्ट प्रशंसा के लिए के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद मेरी प्यारी बहन 🙏 राम जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव ही बनी रहे 🙏 यही प्रार्थना है 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Mar 10, 2026
जय श्री राम 🙏 जय राम भक्त शिरोमणि वीर बजरंगबली 🙏 राम जी की कृपा से आपका दिन शुभ फलदाई व मंगलमय रहे ☺️ इसी शुभकामना के साथ शुभ संध्या वंदन मेरी प्यारी बहन 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Mar 10, 2026
जय श्री राधे कृष्ण बहना जी 🙏

Saumya Sharma
Mar 10, 2026
जय श्री राम 🙏 जय राम भक्त शिरोमणि वीर बजरंगबली 🙏 राम जी की कृपा से आपका दिन शुभ फलदाई व मंगलमय रहे ☺️ इसी शुभकामना के साथ शुभ संध्या वंदन बहना जी 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Mar 10, 2026
पोस्ट प्रशंसा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏 राम जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव ही बनी रहे 🙏 यही प्रार्थना है 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Mar 10, 2026
राम दुलारे, तुम रखवारे 🙏, जो भी आए तुम्हारे द्वारे 🙏, उसके तुम ही बने सहारे 🙏, सब सुख लहे, तुम्हारी शरणा🙏, जब तुम रक्षक, तो फिर क्यों डरना 🙏 जय श्री राम 🙏 जय बजरंगबली 🙏 राम जी की कृपा और बजरंगबली का साथ आपको सदैव मिलता रहे 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ संध्या वंदन बड़े भाई 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Mar 10, 2026
जय श्री राधे कृष्ण भैया जी 🙏
