
Rama Devi Sahu
290 days ago
उत्पन्ना एकादशी के दिन ही मूर नामक दैत्य का वध करने के लिए भगवान विष्णु के शरीर से देवी एकादशी उत्पन्न हुई हैं। एकादशी व्रत रखने वाले उत्पन्ना एकादशी से ही व्रत शुरु करते हैं। इस वर्ष उदया तिथि में उत्पन्ना एकादशी व्रत 15 नवंबर 2025, शनिवार को रखा जाएगा। व्रत का पारण 16 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 55 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 08 मिनट के बीच किया जाएगा। एकादशी व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Nov 13, 2025
🙏‼️ Jai Shree Shyam ‼️🙏

Rakesh Kumar
Nov 13, 2025
jai shree shyam 🙏
