
बद्रीप्रसादअसाटी
305 days ago
🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺 *🚩🌺जैन मुनि तरुण सागर जी के "कड़वे प्रवचन"* 🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺 *🚩🌺जैन मुनि तरुण सागर जी के "कड़वे प्रवचन" उनके उपदेशों का एक बहुत ही प्रसिद्ध और प्रभावशाली संग्रह है। इन प्रवचनों की विशेषता यह है कि वे कड़वी सच्चाइयों को सीधे और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करते थे, जो लोगों को अपनी गलतियों और जीवन के प्रति दृष्टिकोण पर विचार करने के लिए मजबूर करते थे।* *🚩🌺कड़वे प्रवचन के मुख्य विषय* *🚩🌺कर्म का सिद्धांत और फल:* *🚩🌺"जो जैसा कर्म करेगा, उसे उसका वैसा ही फल भोगना पड़ेगा।" इस बात पर जोर देते थे कि गंगा में डुबकी लगाने से पाप खत्म नहीं होते, कर्मों का हिसाब हर व्यक्ति को खुद ही चुकता करना पड़ता है।* *🚩🌺दिखावा और झूठी शान-शौकत* *🚩🌺ऋण लेकर झूठी शान-शौकत दिखाने की कोशिश न करना।* *🚩🌺आज का आदमी हैसियत न होते हुए भी दिखावा करता है, जिससे दुखी रहता है।* *🚩🌺जीवन में परिवर्तन* *🚩🌺परिवार नहीं बदलेगा,आपको बदलना पड़ेगा, सामने वाला नहीं बदलेगा, आपको बदलना पड़ेगा।* *🚩🌺जीवन में बदलाव लाने के लिए स्वयं की आदतों और दिनचर्या को बदलने पर बल देते थे।* *🚩🌺कन्या भ्रूण हत्या और बेटियों का महत्व* *🚩🌺कठोर शब्दों में कन्या भ्रूण हत्या का विरोध किया।* *🚩🌺सुझाव दिया कि जिस घर में बेटी न हो, वहाँ शादी नहीं करनी चाहिए या साधु-संतों को भिक्षा नहीं लेनी चाहिए।* *🚩🌺रिश्तों और क्षमा का महत्व* *🚩🌺जो आपका बुरा करता है, उसके प्रति भी कल्याण का भाव रखो और उसे माफ कर दो, क्योंकि वह भी तुम्हारा ही भाई है।* *🚩🌺आलोचकों से न डरने की बात कही, क्योंकि पत्थर उसी पेड़ पर फेंके जाते हैं, जिस पर मीठे फल लटकते हैं।* *🚩🌺छोटी चादर (पुण्य) और महत्वाकांक्षा* *🚩🌺पुण्य की चादर छोटी है, इसलिए जितनी चाहो उतनी चीज़ें नहीं मिलेंगी। अपनी महत्वाकांक्षाओं को अपने पुण्य (कर्म) के अनुसार सीमित रखने की बात कहते थे।* *🚩🌺क्रोध पर नियंत्रण* *🚩🌺जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध पर काबू पाना जरूरी है। जिसने जीवन से समझौता करना सीख लिया, वह संत हो गया।* *🚩🌺जैन मुनि तरुण सागर जी के कुछ प्रसिद्ध कड़वे प्रवचन* *🚩🌺जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध पर काबू पाना सीख लो। जिसने जीवन से समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया। वर्तमान में जीने के लिए सजग और सावधान रहने की आवश्यकता है।* *🚩🌺जिसके भाग्य में जो लिखा है, उसे वही मिलेगा और परेशान होने से कुछ अतिरिक्त प्राप्त नहीं होने वाला। सर्वोच्च सत्ता ईश्वर के ही हाथ में है। अत: यदि वह आपसे नाराज है तो दुनिया की कोई ताकत आपकी मदद नहीं कर सकती।* *🚩🌺युवतियां कभी भी घर से भागकर शादी मत करना। विधर्मी से शादी करने पर आपको वह सब भी करना पड़ सकता है जिसकी कल्पना आपने कभी न की होगी। तीन घंटे की फिल्म तथा वास्तविक जीवन में काफी अंतर होता है। अत: जागृत अवस्था में रहकर कोई भी कार्य करो।* *🚩🌺शादी करना है तो जागते हुए करो। परिजनों की मर्जी को दरकिनार कर घर से भागने की प्रवृत्ति आपके जीवन को अंधकारमय बना सकती है।* *🚩🌺यदि कोई आपको गालियां देता है और आप उसे स्वीकार नहीं करते तो वह गालियां उसी के पास रह जाती हैं। कोई आपको कुत्ता कहता है तो आप उसे भौंकें नहीं बल्कि मुस्कुराएं। गालियां देने वाला स्वयं ही शर्मिन्दा हो जाएगा। अन्यथा सचमुच कुत्ता बन जाओगे।* *🚩🌺इन प्रवचनों का उद्देश्य लोगों को धार्मिक सिद्धांतों के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन की सच्चाइयों से अवगत कराना था ताकि वे एक बेहतर और नैतिक जीवन जी सकें।* 🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺

Comments (3)

Balraj Sethi Balraj Sethi
Oct 30, 2025
Bhut Hi Sunder Shiksah Gyan Wala Updesh Diya Hai Is Updesh Per Amal Karna Chahiye. 👌🙏🏼🙏🏻🍁

Rama Devi Sahu
Oct 29, 2025
Ji Namaste 🙏 Bahut hi Sundar Upadesh 👌👌🙏 ye sab Baatein Kaam ke laga kr hei tho,.... Ek Uttam Parichay Ho Payega...!! Dhanyawad 🙏
