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Rama Devi Sahu

36 days ago

*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 25 जुलाई 2026* *⛅दिन - शनिवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - आषाढ़* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - एकादशी सुबह 11:34 तक तत्पश्चात् द्वादशी* *⛅नक्षत्र - ज्येष्ठा पूर्ण रात्रि तक* *⛅योग - ब्रह्म रात्रि 09:09 तक तत्पश्चात् इन्द्र* *⛅राहुकाल - सुबह 09:14 से सुबह 10:54 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:54* *⛅सूर्यास्त - 07:12 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:29 से प्रातः 05:12 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:07 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 12:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️ व्रत पर्व विवरण - देवशयनी एकादशी, चातुर्मास व्रतारम्भ (25 जुलाई से 21 नवंबर तक), गौरी व्रतारम्भ, वासुदेव द्वादशी* *🌥️ विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) तथा द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l* 💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।* 💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है। 💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।* 🌷 *देवशयनी एकादशी* 🌷 ➡️ *25 जुलाई 2026 शनिवार को देवशयनी एकादशी है।* 🙏🏻 *देवशयनी एकादशी का व्रत महान पुण्यमय, स्वर्ग एवं मोक्ष प्रदान करनेवाले, सब पापों को हरनेवाला है ।* 🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷 🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 26 जुलाई, रविवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…* 👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा* 🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।* 🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।* 🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।* 👉🏻 *ये उपाय करें* *सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩 🙏*

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