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Rama Devi Sahu

2 days ago

⚜️शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा) 2026: अमृत योग, महालक्ष्मी कृपा और ज्योतिषीय महत्व का महापर्व !⚜️ 🌼आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा) का पावन पर्व सनातन धर्म, अध्यात्म और ज्योतिष जगत में अत्यंत विशिष्ट स्थान रखता है। यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा के पूर्ण रूप से जाग्रत होने का वह दिव्य अवसर है जब प्रकृति स्वयं अपने खजाने खोल देती है! 📅ऋषिकेश पंचांगानुसार तिथियों का निर्धारण, शुभमुहूर्त एवं योग : #पूर्णिमा_तिथि_प्रारम्भः ऋषिकेश पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर 2026, रविवार को प्रातः 11:06 बजे से आरंभ होगी। #पूर्णिमा_तिथि_समाप्तः यह तिथि 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को प्रातः 9:57 बजे तक रहेगी। #व्रत_एवं_उपवासः शास्त्र सम्मत विधान के अनुसार शरद पूर्णिमा का उपवास 25 अक्टूबर 2026, रविवार को रखा जाएगा। #स्नान_दान_पूर्णिमाः उदया तिथि के अनुसार 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को स्नान और दान किया जाएगा। #चंद्रोदय_का_समयः सायं काल 5:44 पर होगा (चंद्रोदय का स्थानीय समय अलग-अलग राज्यों और शहरों में भिन्न-भिन्न हो सकता है)। #विशेष_योग: इस वर्ष शरद पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग, बुधादित्य योग तथा शुक्र-बुध की युति से लक्ष्मी नारायण योग जैसे अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो साधना, अनुष्ठान और लक्ष्मी पूजन के फल को कई गुना बढ़ा देते हैं। ✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️ 🚩शरद पूर्णिमा का ज्योतिषीय एवं आध्यात्मिक स्वरूप: ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ 🌼ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा को हमारे मन का कारक माना गया है। शरद पूर्णिमा की रात्रि को चंद्रदेव अपनी समस्त सोलह कलाओं (अमृत, मनदा, पुष्प, पुष्टि, तुष्टि, धृति, शाशनी, चंद्रिका, कांति, ज्योत्स्ना, श्री, प्रीति, अंगदा, पूर्ण, पूर्णामृत व स्वरूपवस्थित) से परिपूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत की वर्षा करते हैं। #चंद्र_दोष_निवारणः यदि किसी जातक की कुंडली में चंद्रमा नीच का, पीड़ित या अशुभ स्थिति हो (जिससे मानसिक अशांति, अनिद्रा या निर्णय लेने में कठिनाई होती है), तो शरद पूर्णिमा की यह रात्रि मानसिक संतापों से मुक्ति पाने और चंद्र बल को मजबूत करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। ✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️ 🚩पौराणिक महत्व और कोजागर का अर्थ: ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ 🌹धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन रात्रि पर समुद्र मंथन के समय धन-धान्य की अधिष्ठात्री देवी माँ महालक्ष्मी और आरोग्य प्रदाता भगवान धन्वंतरि का प्रादुर्भाव हुआ था। 🌹 'कोजागर' शब्द क ओज आगर के दिव्य मेल से निर्मित है, जिसका अर्थ है कि इस रात्रि जो जाग्रत रहकर साधना करते हैं, उन्हें माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा और असीम आरोग्य प्राप्त होता है। 🌹इसी दिन से कार्तिक पूर्णिमा तक प्रतिदिन संध्या समय आकाशदीप प्रज्वलित करने का विधान है, जिससे गृहस्थ जीवन से दरिद्रता और दुखों का शमन होता है। 🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀 🚩विशेष पूजा विधि एवं अनुष्ठान: ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ #संध्या_पूजन_एवं_जागरणः घर को स्वच्छ कर गंगाजल का छिड़काव करें। पूजा स्थल पर पीला अथवा लाल वस्त्र बिछाकर भगवान श्री हरि विष्णु, देवी महालक्ष्मी और श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित करें। Screenshot_20261024_... #समर्पणः रोली, अक्षत, पीले पुष्प, नैवेद्य और अखंड दीप अर्पित कर सत्यनारायण कथा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। #दुर्बल_चंद्रमा_की_शांति_हेत_मंत्र:🌹“ॐ चं चंद्रमस्यै नमः।" 🌹 #अक्षय_धन_समृद्धि_हेतुः🌹 “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।"🌹 ✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️ 🚩अमृतमयी खीर का महा-उपाय (आरोग्य और समृद्धि हेतु): ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ #विधिः गाय के शुद्ध दूध, चावल और मिश्री से खीर बनाकर शुद्ध चांदी के पात्र में रखें और रात्रि भर खुले आसमान के नीचे चंद्रकिरणों के संसर्ग में रखें। #लाभः प्रातःकाल इसका प्रसाद रूप में सेवन करने से असाध्य रोगों में राहत मिलती है और शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। वैज्ञानिक शोध भी यह दर्शाते हैं कि इस रात्रि चंद्रमा पृथ्वी के अत्यंत निकट होता है, जिससे उसकी किरणों में विशेष विद्युत-चुंबकीय तरंगें और औषधीय गुण आ जाते हैं। दूध का लैक्टिक एसिड और चावल का स्टार्च इसे और अधिक गुणकारी बनाते हैं। ✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️ 🌹दाम्पत्य जीवन में मधुरता एवं ग्रह बाधा निवारण: ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ #दाम्पत्य_सुखः पति-पत

Comments (2)

Jaganath Singh

Jaganath Singh

Oct 25, 2026

🙏 जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏 आप और आपके समस्त परिवार को शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🙏

Shah 🩷

Shah 🩷

Oct 25, 2026

शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं🪷