
Rama Devi Sahu
307 days ago
दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक अमीर व्यक्ति बाहर आया और उसने जो कैब बुक की थी, उसके मालिक को फोन लगा कर बुलाया और उस कैब में बैठ गया। कुछ दूर चलते ही कैब ड्राइवर ने उस व्यक्ति से पूछा - आपको कोई परेशानी तो नहीं है, क्या AC का तापमान ठीक है? उसने उस व्यक्ति से पूछा। अमीर व्यक्ति ने कहा - आपकी कैब मे सबकुछ बहुत अच्छा है। थोड़ी देर बाद ड्राइवर ने फिर से पूछा - बताइए सर आप कौन-सा समाचार पत्र पढ़ना पसंद करेंगें? उसकी कैब में हिन्दी और अंग्रेजी दोनों प्रकार के समाचार पत्र रखे हुए थे। उस अमीर व्यक्ति ने झाँक कर आगे देखा तो सच में उसके पास उसी दिन के समाचार पत्र थे। फिर उसने उनमें से एक ले लिया। समाचार पत्र पढ़ते हुए वह अमीर व्यक्ति अपने चारों ओर देख रहा था। उसने अनुभव किया कि वो कैब बिल्कुल साफ-सुथरी थी, एक भी धूल का कण नहीं था। सीट के गद्दे एक दम नये लग रहे थे और एक अच्छी खुशबू चारों ओर फैली हुई थी। वह अमीर व्यक्ति ये सभी प्रकार की व्यवस्था देखकर बहुत खुश हुआ। उसने कैब ड्राइवर से पूछा - आज तक मैं बहुत सारी जगहों पर गया, बहुत सारी कैब में सफर किया, लेकिन आपकी कैब से अच्छी कैब मुझे नहीं मिली, जिसमे संगीत, समाचार पत्र की व्यवस्था और इतनी साफ-सफाई हो। इसके पीछे क्या कारण है? तो उस कैब ड्राइवर ने मुस्कुराते हुए जबाब दिया- कुछ महीने पहले मैं भी अन्य कैब ड्राइवरों की तरह था, और उनके ही जैसे अपने काम से खुश नहीं था और ये काम छोड़ने को मन करता था। मेरे काम से ज्यादा कमाई भी नहीं होती थी। क्योंकि मैं किसी और काम को करना नहीं जानता था, तो मैंने सोचना शुरू किया कि अपने इसी काम में, मै खुश कैसे रह सकता हूँ! फिर उसने अन्य कैब ड्राइवरों से अलग करने की सोची और उसने अपनी कैब की साफ-सफाई की, उसमें नये गद्दे, सीट लगवाये। एक अच्छा म्युजिक सिस्टम लगवाया, रोज़ के समाचार पत्र खरीदना शुरू किया। इतना करने के बाद, जो भी उस दिन के बाद मेरी कैब में बैठता तो ये सारी व्यवस्था देखकर खुश हो जाता और कहता कि जब वे अगली बार यहाँ फिर से आयेगें तो आपकी कैब में ही सफर करेगें और मेरा कार्ड मुझ से माँग लेते हैं। धीरे-धीरे मेरे काम को देखकर मेरी अच्छी खासी कमाई होने लगी और मैं भी अपने काम में खुश हो गया और अपने काम को और अच्छी तरह से करने लगा। मैंने अपने काम करने का तरीका बदला और अब हालात कुछ ऐसे हैं कि लोग मेरी कैब को दो-तीन महीने पहले से ही बुक करके रखते हैं, कभी-कभी मुझे इतने ऑर्डर मिलते हैं कि मुझे अपने दोस्तों को भेजना पड़ता है। और मैं अपने दोस्तों को भी यही करने की सलाह देता हूँ। इतना सुनते-सुनते उस अमीर व्यक्ति की मंजिल आ गयी और उसने भी अन्य लोगों की तरह उस कैब ड्राइवर का नंबर ले लिया, क्योंकि वो भी उसके काम से खुश था। *ये कहानी पढ़कर शायद आपको भी प्रेरणा मिली होगी, कि उस कैब ड्राइवर ने अपना काम नहीं बदला, बल्कि अपने काम करने के तरीके को बदला, अपने काम को कुछ अलग तरीके से किया। यही उसकी सफलता का राज़ है, और यही राज़ आपकी सफलता का भी हो सकता है। *अपने काम से नाराज़ या परेशान मत हो, बल्कि अपने काम को सकारात्मक तरीके से करें, आप भी उस कैब ड्राइवर की तरह अपने जीवन में सफल होगें, आज नहीं तो कल कामयाबी ज़रूर मिलेगी।* अपने जीवन में हरपल मुस्कराते रहिए, और खुश रहिये।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Oct 27, 2025
🙏‼️ Hari Om Tat Sat ‼️🙏

Haresh Chanchlani Chanchlani
Oct 27, 2025
अति सुन्दर प्रस्तुति बहना जी आप सभी को दीपावली पर्व छत पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं जय श्री राधे राधे जय श्री कृष्णा जी 🌹🙏🌹
