
बद्रीप्रसादअसाटी
306 days ago
. 🍃🦇🍃🦇🍃🦇🍃🦇🍃 *कुछ क्षण के क्रोध से रिश्ते बिखर जाते है , चेतना तो तब आती है जब समय निकल जाता है । उचित क्षण में कंठ से उतरे वर्ण के कड़वे घुट हमारे जीवन को कुछ तृप्त ही किया करते हैं , व्यक्ति वही श्रेष्ठ है जो विकट परिस्थिति में फिसले नही एवं अच्छी स्थिति में उछलता नही है।रिश्तों की टूटी माला को फिर से जोड़ने पर छोटी हो जाती है क्योंकि निष्ठा की मोती बिखर ही जाते हैं.।* . *🌷सुप्रभात🌷* . 2️⃣9️⃣ 1️⃣0️⃣ 2⃣0⃣2️⃣5️⃣ . 🚤⚓🚤⚓🚤⚓🚤⚓🚤⚓

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