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भोंगिर दुर्ग - एकाश्म शिला पर खड़ा अद्भुत पराक्रम भोंगिर दुर्ग तेलंगाना की धरती पर स्थित वह अद्भुत दुर्ग है, जो एक विशाल एकाश्म शिला पर निर्मित अपनी अनूठी संरचना के लिए प्रसिद्ध है। 11वीं शताब्दी में पश्चिमी चालुक्य शासक त्रिभुवनमल्ल विक्रमादित्य षष्ठम द्वारा निर्मित यह दुर्ग, रणनीतिक दृष्टि और प्राचीन भारतीय स्थापत्य कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। ऊँची चट्टानों, गुप्त मार्गों और विशाल द्वारों से सुसज्जित यह किला, भारत की सैन्य शक्ति और सुरक्षा व्यवस्था की कहानी सुनाता है। शिखर तक पहुँचने पर दूर-दूर तक फैला दृश्य, मानो इतिहास और प्रकृति को एक साथ जीवंत कर देता है। *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*

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