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🍃🌾😊 मन के तल का प्रेम , प्रेम होता है और आत्मा के तल के प्रेम को प्रार्थना कहा जाता है । आत्मा का प्रेम या प्रार्थना न जन्मती है और न कभी मरती है । वह तो शाश्वत है, हम सभी के अंदर छिपा एक सागर है.. गहरा प्रेम का सागर । उसके लिए ध्यान की गहरी डुबकी लगानी होती है । मात्र चिंतन - मनन से कुछ नही होता । सभी शास्त्र, सारी पूजा पाठ व्यर्थ है । इसका एकमात्र सूत्र है सर्वात्म समर्पण और मांग रहित प्रार्थना । प्रेम ही प्रार्थना है। हरि ओम 🙏

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Comments (2)

Srikumar  महाराज🇮🇳☸️

Srikumar महाराज🇮🇳☸️

Jun 8, 2026

शुभ दोपहर प्रिय प्यारी परी जय श्री कृष्ण सोने से पहले अच्छा समय बिताएं धन्यवाद 🙏

Riya Riya  💖💖

Riya Riya 💖💖

Jun 8, 2026

✨✨🌹🌹शुभ दोपहर भैया जी 🌅🌻🙏 राधे राधे जी 🌹🌹 जय श्री कृष्णा 🌿🦚🌹🙏आपका दिन शुभ मंगलमय हो💕🌸🌹🙏 भगवान आप पर सदैव कृपा बनाए रखें 🤗💕🌹🦚🌿🌻💞🌼🍫🍫🙏