
Ramesh chand
2 days ago
सभी भक्तों को राष्ट्रीय दादी -दादा दिवस की ढेर सारी शुभकामनायें 🙏

Comments (9)

Saumya Sharma
Sep 13, 2026
जय श्री हरि 🙏 आपको भी वराह जयंती और grand parents day की हार्दिक शुभकामनाएं भाई जी 🙏🌹☺️ दादा दादी, नाना नानी दिवस अलग अलग देशों में अलग अलग दिन मनाया जाता है, भारत में ये सितंबर माह के पहले रविवार को मनाया जाता है, लेकिन इस बार दूसरे रविवार को मनाया गया है क्योंकि सितंबर माह के पहले सोमवार को जब labour day मनाया जाता है उसके बाद ही national grand parents day मनाया जाता है, इस बार पहला monday 7sep को पढ़ा था, इसीलिए इस बार दूसरे रविवार को यह दिन मनाया गया है,Good afternoon bhai g 🙏🌹☺️

Ramesh chand
Sep 13, 2026
ठीक बताया ज़ी आपने pannalal panchal ji 🙏

Ramesh chand
Sep 13, 2026
राधे राधे ❤️सविता बहन ज़ी 🌹🙏

सविता
Sep 13, 2026
Radhe radhe 🙏🌹 shubh prabhat vandan ji 🙏🌹

Pannalal panchal पंजी पांचाल लोहार ब्यावर राजस्थान
Sep 12, 2026
बड़े नसीबो वाले दादा दादी बन पोते पोतियों के संग हंसते हुए नजर आते हैं और वो बच्चे भी कम नसीब वाले होते है जो पिता का साया भी नहीं देख पाते

Ramesh chand
Sep 12, 2026
बहुत 2 बधाई इस भाव पूर्ण सन्देश के लिए ❤️बहन रामा देवी साहू ज़ी 🌹🙏

Rama Devi Sahu
Sep 12, 2026
बुढ़ापा देने के पीछे भगवान का अद्भुत उद्देश्य 🙏🏼 यह लेख ऐसा है कि पढ़कर आँखें नम हो जाएँ... सारांश: एक बार इंसान ने भगवान से पूछा— “अगर आप चाहें तो इंसान को हमेशा जवान और जवान ही रख सकते हैं, है ना?” तब भगवान मुस्कुराकर बोले: 1. आँखों की रोशनी कम कर दी → ताकि उसे इस खूबसूरत दुनिया का मोह कम हो जाए। 2. शरीर पर झुर्रियाँ डाल दीं → ताकि उसे अपनी सुंदरता का मोह न रहे। 3. पैरों की चलने की ताकत कम कर दी → ताकि उसे घूमने-फिरने का मोह न रहे। 4. कानों को कमजोर कर दिया → ताकि दूसरों की बातें सुनने का मोह कम हो जाए। 5. बिस्तर पर रहने के लिए मजबूर कर दिया → ताकि जीवन से मोह धीरे-धीरे कम हो जाए। और फिर भगवान ने कहा: “अगर इंसान कभी बूढ़ा ही न होता, तो क्या वह इस खूबसूरत दुनिया का मोह छोड़कर मृत्यु को सहजता से स्वीकार कर पाता?” जवानी में मृत्यु हो जाए तो परिवार को वर्षों तक दुख रहता है। लेकिन बुढ़ापे में मृत्यु आए तो लोग उसे सहजता से स्वीकार कर लेते हैं और कुछ दिनों बाद जीवन सामान्य हो जाता है। इसीलिए भगवान ने इंसान के मोह को धीरे-धीरे कम करने के लिए बुढ़ापा बनाया। भावार्थ: बुढ़ापा कोई अभिशाप नहीं, बल्कि भगवान की कृपा है। यह धीरे-धीरे हमें दुनिया के मोह से मुक्त करता है, ताकि हम शांति और स्वीकार भाव के साथ जीवन के अंतिम पड़ाव को जी सकें। “बस, भगवान ने इंसान को इस मोह से मुक्त करने के लिए बुढ़ापा बनाया।” 🙏🏽 *बहुत गहरा और भावपूर्ण संदेश है।* 🙏🏼

Ramesh chand
Sep 12, 2026
hmne bhi aaj hi dekha h, ye to hona hi chahiye ❤️sumanbahanji🌹🙏 jis ghr me bacchey Dadi-Dada k palan poshan me rhtei h un baccho k sanskar alag hi hote hn 🌹

Suman ✨
Sep 12, 2026
ye divas kab se hone laga bhai ji 🙏 Bharat mein?🙏
