
Rama Devi Sahu
95 days ago
🚩🌷*पद्मिनी एकादशी 2026*🌷🚩 🙏* ॐ नमो भगवते वासुदेवाय * 🙏 🌻🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌻 🌷मंगलम भगवान विष्णुः, मंगलम गरुणध्वजः। 🌷मंगलम पुण्डरी काक्षः, मंगलाय तनो हरिः॥🙏 🚩आदरणीय सनातन प्रेमियों, आप सभी सहपरिवार को "पद्मिनी एकादशी" की हार्दिक शुभकामनाएं...🙏🌹 भगवान श्री हरि जी आप सभी की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें...।।🌺 🙏🙏🌷 जय श्री हरि 🌷 🙏🙏 आइए पद्मिनी, पुरुषोत्तमी एकादशी की शुभ तिथि, मुहूर्त, पारण का समय, महत्व, विधि, मंत्र, और कथा के बारे में जानें ::---‼️ 🙏🌺 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🌺 🙏 🌻🙏सद्गुरू देव नारद भगवान शरणागतम 🙏🌻 अधिक मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली पद्मिनी एकादशी समस्त एकादशियों में अत्यंत दुर्लभ, पवित्र एवं फलदायी मानी गई है। शास्त्रों में कहा गया है कि यह व्रत अनेक यज्ञ, तप, दान और तीर्थों के पुण्य के समान फल प्रदान करने वाला है। ❌️एकादशी को अन्न खाना व खिलाना महापाप माना जाता है। ━━━━━━━━━━━━━━━ ✡️ एकादशी तिथि ✡️ 🔹 प्रारंभ — 26 मई 2026, प्रातः 5:10 बजे 🔹 समाप्त — 27 मई 2026, प्रातः 6:21 बजे ➡️ उदया तिथि के अनुसार पद्मिनी एकादशी व्रत 27 मई 2026, बुधवार को रखा जाएगा। ━━━━━━━━━━━━━━━ *🌼 व्रत पारण मुहूर्त 🌼* 🗓️ 28 मई 2026, गुरुवार ✅ पारण का शुभ समय — 🕔 प्रातः 5:25 बजे से 7:45 बजे तक 🔹 द्वादशी समाप्त — 🕗 प्रातः 7:56 बजे ━━━━━━━━━━━━━━━ *✨ शुभ मुहूर्त ✨* 🌿 ब्रह्म मुहूर्त — 4:03 AM से 4:44 AM 🌿 लाभ-उन्नति मुहूर्त — 5:25 AM से 7:08 AM 🌿 अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त — 7:08 AM से 8:52 AM 🌿 शुभ-उत्तम मुहूर्त — 10:35 AM से 12:18 PM ━━━━━━━━━━━━━━━ *🌺 पद्मिनी एकादशी व्रत की महत्ता 🌺* 📖 पद्म पुराण एवं अन्य वैष्णव ग्रंथों में इस एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। 🔸 यह व्रत विशेष रूप से अधिक मास में आता है, इसलिए इसका पुण्य अनेक गुना बढ़ जाता है। 🔸 मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक यह व्रत करता है, उसके अनेक जन्मों के पाप नष्ट होते हैं। 🔸 यह व्रत मन को शुद्ध, बुद्धि को निर्मल और जीवन को सात्त्विक बनाता है। 🔸 संतान सुख, परिवार में शांति, आर्थिक उन्नति तथा मानसिक स्थिरता के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है। 🔸 भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 🔸 इस दिन किया गया जप, तप, दान, पूजा एवं हरिनाम संकीर्तन अक्षय फल देने वाला माना गया है। 🔸 जो व्यक्ति श्रद्धा से उपवास कर रात्रि में भजन-कीर्तन करता है, उसे विष्णुलोक की प्राप्ति का पुण्य मिलता है। 🔸 केवल भोजन- अन्न का त्याग ही नहीं, बल्कि क्रोध, कटु वचन, निंदा और बुरे विचारों का त्याग भी इस व्रत का महत्वपूर्ण अंग है। ━━━━━━━━━━━━━━━ *📖 पद्मिनी एकादशी व्रत कथा 📖* प्राचीन समय में माहिष्मती नगरी में कृतवीर्य नामक एक पराक्रमी राजा राज्य करते थे। उनकी अनेक रानियाँ थीं, किन्तु लंबे समय तक उन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ। राजा और उनकी प्रमुख रानी पद्मिनी इस दुःख से अत्यंत व्यथित रहते थे। उन्होंने अनेक यज्ञ, दान और तप किए, परंतु कोई फल नहीं मिला। एक दिन वे दोनों वन में तपस्या करने चले गए। वर्षों तक कठोर तप करने के बाद भी जब सफलता नहीं मिली, तब रानी पद्मिनी ने महान पतिव्रता अनसूया माता से उपाय पूछा। अनसूया माता ने कहा — “अधिक मास के शुक्ल पक्ष की पद्मिनी एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करो। भगवान श्रीहरि की कृपा से तुम्हें अवश्य पुत्र प्राप्त होगा।” रानी पद्मिनी ने पूर्ण श्रद्धा और नियमपूर्वक यह व्रत किया। भगवान विष्णु प्रसन्न हुए और वरदान दिया। कुछ समय बाद रानी को अत्यंत तेजस्वी पुत्र प्राप्त हुआ — वही आगे चलकर सहस्त्रबाहु अर्जुन के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इस प्रकार जो भी भक्त श्रद्धा, भक्ति और नियम से पद्मिनी एकादशी का व्रत करता है, उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं। ━━━━━━━━━━━━━━━ 🌸 व्रत में क्या करें 🌸 ✅ भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी का पूजन करें ✅ “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें ✅ विष्णु सहस्रनाम एवं गीता पाठ करें ✅ तुलसी पूजा एवं दीपदान करें ✅ रात्रि में भजन-कीर्तन एवं जागरण करें ━━━━━━━━━━━━━━━ 🌺 एकादशी का संदेश 🌺 “सच्चा उपवास केवल अन्न का त्याग नहीं, बल्कि मन, वाणी और इन्द्रियों की पवित्रता है।” 🙏 भगवान श्रीहरि विष्णु सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। 🙏🌸 जय श्रीराधे 🌺🌺 जय श्रीहरि 🌸🙏

Comments (1)

Rakesh Kumar
May 27, 2026
jai shree shyam 🙏
