
Rama Devi Sahu
103 days ago
*न्याय की तराजू* एक बार एक अमीर व्यापारी का कीमती हीरों का हार चोरी हो गया। उसे शक था कि यह काम उसके घर के ही पाँच नौकरों में से किसी एक का है। व्यापारी ने शहर के सबसे बुद्धिमान काज़ी (न्यायाधीश) को बुलाया। काज़ी ने सभी नौकरों को एक कतार में खड़ा किया और सबको लकड़ी की एक-एक छड़ी दी। सभी छड़ियाँ लंबाई में बिल्कुल बराबर थीं। काज़ी ने कहा, "ये जादुई छड़ियाँ हैं। आज रात इन्हें अपने पास रखो। जिसने चोरी की होगी, उसकी छड़ी कल सुबह तक 2 इंच लंबी हो जाएगी। कल सुबह सब अपनी छड़ियाँ लेकर दरबार में हाजिर होना।" अगली सुबह, जब सब वापस आए, तो काज़ी ने सबकी छड़ियाँ जाँचीं। चार नौकरों की छड़ियाँ वैसी ही थीं, लेकिन एक नौकर की छड़ी 2 इंच छोटी थी। काज़ी ने तुरंत उसे पकड़ लिया और कहा, "यही चोर है!" व्यापारी हैरान था। उसने पूछा, "हुज़ूर, आपने तो कहा था कि छड़ी लंबी होगी, पर इसकी तो छोटी है?" काज़ी मुस्कुराया और बोला, "छड़ियाँ जादुई नहीं थीं। चोर को डर था कि उसकी छड़ी रात भर में 2 इंच बढ़ जाएगी, इसलिए उसने पकड़े जाने के डर से पहले ही उसे 2 इंच काट दिया। उसकी खुद की घबराहट ने उसका जुर्म कबूल कर लिया।" *सीख:* > अपराधी चाहे कितनी भी चतुराई दिखाए, उसका अपना डर ही उसे पकड़वा देता है। "साँच को आँच नहीं" (सत्य को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती)। आप सभी का दिन शुभ हो 🙏🏻😊 *---‐-----------------------------*





Comments (2)

Rama Devi Sahu
May 19, 2026
Mangalvar Subah ki Ram Ram Ji 🌹 Bhagwan ki Aasirbad se Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🌹🌹

सविता
May 19, 2026
Ram Ram ji 🙏🌹
