
प्रभा त्रिपाठी
431 days ago
राम।।🍁 *..भगवान् पूरे के पूरे अपने हैं..*✨ *भगवान् कैसे हैं--यह भगवान् भी नहीं जानते कि मैं कैसा हूँ ! वहाँ कैसा-वैसा नहीं चलता।* जैसा आप मानें, भगवान् वैसे ही हैं--'ये यथा मां प्रपद्यन्ते तांस्तथैव भजाम्यहम'। बुद्धि प्रकृति को भी नहीं पकड़ सकती, फिर भगवान् को कैसे पकड़ सकती है ? पर भगवान् चाहें तो हमारी बुद्धि में आ सकते हैं। *हम भगवान् को जान तो नहीं सकते पर उन्हें अपना मान सकते हैं।* जैसे माँ पूरी-की-पूरी अपनी है, ऐसे ही भगवान् को अपना मानें तो भगवान् पूरे-के-पूरे अपने हैं। *अपने को भगवान् से अलग मान लेना और शरीर को संसार से अलग मान लेना गलती है।* भगवान् को अपना मानने की जिम्मेवारी हमारी ही है। भगवान् ने तो हमें अपना मान ही रखा है। *राम ! राम !! राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज *साधन-सुधा-निधि* पृष्ठ ५३६
Comments (3)

Haresh Chanchlani Chanchlani
Jun 26, 2025
जय श्री राम 🙏🌹🙏

Rama Devi Sahu
Jun 25, 2025
Ram Ram Jii 🙏🌹🌹

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Jun 25, 2025
जय गणेश ॐ नमो विघ्न हराय गंग गणपते नमो नमः 🚩🙏
