
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
64 days ago
*बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय* बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय केवल एक साहित्यकार नहीं थे, वे भारतीय राष्ट्रचेतना के उन महान पुरोधाओं में थे जिन्होंने कलम को जनजागरण का माध्यम बनाया. 1882 में प्रकाशन से पूर्व ही अंग्रेजी सत्ता द्वारा प्रतिबंधित होने वाला उनका उपन्यास आनंदमठ स्वतंत्रता सेनानियों के लिए एक नई ऊर्जा लेकर आया था. इसी उपन्यास में रचित "वन्दे मातरम्" गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के समय लाखों देशवासियों में स्वाधीनता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाई. आज "वन्दे मातरम्" भारत का राष्ट्रीय गीत है, जो हमारी सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का अमर प्रतीक बना हुआ है. *मेरी संस्कृति...मेरा देश...मेरा अभिमान 🇮🇳* *
Comments (2)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Jun 27, 2026
राम कृष्ण हरि बोल धन्यवाद बच्चा खुश रहो 🙏

बरखा शर्मा
Jun 27, 2026
जय श्री कृष्ण जी शुभ प्रभात जी 🌹
