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Rama Devi Sahu

133 days ago

*अक्षय तृतीया–वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीय🚩* पौराणिक ग्रंथों के अनुसार वैशाख माह की शुक्ल पक्ष तृतीय तिथि के दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते है, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण इसे अक्षय तृतीय कहा जात है। भविष्य पुराण के अनुसार इस तिथि की युगादि तिथियों में गणना होती है, सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ है। भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी का अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बद्रीनाथ के कपाट भी इसी तिथि से ही पुनः खुलते है। वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी जी मंदिर में भी केवल इसी दिन श्री विग्रह के चरण दर्शन होते है, अन्यथा वे पूरे वर्ष वस्त्रों से ढकें रहते है। *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*

Comments (1)

Radhe  🌹

Radhe 🌹

Apr 19, 2026

Good Evening Ji🙏🌷