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Rama Devi Sahu

163 days ago

जिन्दगी का पहिया निरन्तर घूमता रहता है न खुशियों को कोई पकड़ कर रख पाया है और ना दुःख हमेशा के लिए ठहरता है इसलिए निश्र्चित रहिए! *🌹शुभ प्रभात 🌹*

Comments (10)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Mar 20, 2026

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 🌺 जय मां ब्रह्मचारिणी 🌺

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Mar 20, 2026

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 🌺 जय मां ब्रह्मचारिणी 🌺

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Mar 20, 2026

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 🌺 जय मां ब्रह्मचारिणी 🌺

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Mar 20, 2026

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 🌺 जय मां ब्रह्मचारिणी 🌺

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Mar 20, 2026

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 🌺 जय मां ब्रह्मचारिणी 🌺

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Mar 20, 2026

जय माता दी🙏 माता रानी की कृपा पर सदैव बनी रे 🙏

Dr Anurag Prajapati

Dr Anurag Prajapati

Mar 20, 2026

जय हो जगत जननी मैया।। राधे राधे दीदी

Haresh Chanchlani Chanchlani

Haresh Chanchlani Chanchlani

Mar 20, 2026

🙏🔱जय माँ ब्रह्मचारिणी नवरात्रि का दूसरा दिन🔱🙏 ✍️नवरात्रि के दूसरे दिन पूजा होती है माँ दुर्गा के द्वितीय स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की हाथों में जपमाला और कमंडल लिए माँ ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और साधना की देवी हैं।🌺 🙏 उनका यह स्वरूप धैर्य, शक्ति और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि माँ ब्रह्मचारिणी की आराधना से साधक को कठिन तप और साधनाओं में सफलता मिलती है। 🙏🔱 🔱🙏उनकी कृपा से जीवन में संयम, शांति और समर्पण की भावना प्रबल होती है।🔱🙏🔱 जय माँ ब्रह्मचारिणी जय माँ दुर्गा 🙏🌺🌺💕शुक्रवार की हार्दिक शुभकामनाएं ☕🔱सुप्रभात🔱☕ 🛕🔱🛕🔱🛕🔱🛕🔱🛕🔱🛕🔱🛕🔱🛕🔱🛕🔱🛕🔱

प्रेम कुमार

प्रेम कुमार

Mar 20, 2026

🌹🌹 जय माता दी 🌹 दुसरे नवरात्रे की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹 आप का दिन मंगलमय हो बहना 🌹🌹

Srikumar  महाराज🇮🇳☸️

Srikumar महाराज🇮🇳☸️

Mar 20, 2026

ଶୁକ୍ରବାର ସକାଳେ ନମସ୍ତେ 🙏ନବରାତ୍ରିର ଦ୍ୱିତୀୟ ଦିନରେ ମାତା ବ୍ରହ୍ମଚାରିଣୀଙ୍କୁ ପୂଜା କରାଯାଏ। ମାତାଙ୍କର ଏହି ରୂପ ତପସ୍ୟା, ତ୍ୟାଗ ଏବଂ ଧ୍ୟାନର ପ୍ରତୀକ। ହାତରେ ଏକ ମାଳା ଏବଂ ଏକ କମଣ୍ଡଳୁ ଧରି, ମାତା ତାଙ୍କ ଭକ୍ତମାନଙ୍କୁ ଧର୍ଯ୍ୟ, ସଂଯମ ଏବଂ ସମର୍ପଣର ବାର୍ତ୍ତା ଦିଅନ୍ତି।