
Rama Devi Sahu
235 days ago
वो नापते थे दौलत से, मैंने प्रेम की मुट्ठी थाम ली — और कृष्ण मेरे हो गए। 💙🌿 🌸 1 मिनट की कहानी: "एक मुट्ठी प्रेम" 🌸 एक दिन वृंदावन में एक गरीब बच्चा श्रीकृष्ण के पास आया। उसके हाथ में बस एक सूखा चना था। वह बोला, “कृष्णा, मेरे पास देने को कुछ नहीं… बस ये चना है, इसे स्वीकार करो।” कृष्ण मुस्कुराए, चना लिया और बोले, “तूने जो दिया, वह प्रेम से दिया। ये मेरे लिए स्वर्ण से भी बढ़कर है।” उसी दिन नारद मुनि ने श्रीकृष्ण से पूछा, “प्रभु! इतना छोटा दान क्यों स्वीकार किया?” कृष्ण बोले, “दान की कीमत वस्तु से नहीं, भाव से तय होती है। जिसने प्रेम से दिया, उसने मुझे पा लिया।” .

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