
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
181 days ago
*सायटिका* आजार क्यों होता है? जानें लक्षण, कारण और योग उपाय सायटिका कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक समस्या का लक्षण है जो सायटिक नर्व के दबने या जळजळ से संबंधित है। सायटिका एक ऐसी स्थिति है जो सायटिक नर्व के मार्ग पर फैलती है, जो पीठ के निचले हिस्से से, नितंब और पैर में जाती है। इससे आपकी कमर से लेकर पैर तक असहनीय दर्द होता है। *सायटिका के सामान्य लक्षण* - कमर से पैर के पीछे के हिस्से में तीखा दर्द होना। - प्रभावित पैर में सुन्नपन या झुनझुनी होना। - प्रभावित पैर में कमजोरी। - लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से दर्द बढ़ना। - प्रभावित पैर को हिलाने में परेशानी होना। *सायटिका (ग्रिध्रसी) मुख्य रूप से वातदोष बढ़ने से होता है। इसमें कमर से पैर के अंत तक दर्द होता है। आयुर्वेदिक दवाएं, घरेलू उपाय, आहार और व्यायाम का एक साथ उपयोग बहुत लाभदायक होता है।* *आयुर्वेदिक उपाय* 1. *गुग्गुळ औषधे* - योगराज गुग्गुळ या त्रयोदशांग गुग्गुळ - नसों की सूजन और दर्द को कम करने के लिए। 2. *दशमूळ काढा* - 1 कप पानी में 2 चम्मच दशमूळ चूर्ण डालकर आधा होने तक उबालें। सुबह-शाम गुनगुना करके लें। 3. *अश्वगंध चूर्ण* - 1 चम्मच गुनगुने दूध के साथ लें। मांसपेशियों को बल मिलता है और वात संतुलित होता है। 4. *तैलोपचार (स्नेहन)* - महा नारायण तेल / सहचर तेल गरम करके कमर और पैर पर हल्के हाथ से मालिश करें। इसके बाद गरम पोटली या स्वेदन करें। *घरेलू उपाय* 1. *लसूण दूध* - 4-5 लसूण कलियां ठेचकर 1 ग्लास दूध में उबालें। रोजाना लेने से नसों का दाह कम होता है। 2. *हळद-दूध* - रात को सोने से पहले हळदी का दूध पिएं। हळदी में कर्क्युमिन दर्द और सूजन कम करता है। 3. *मेथी दाने* - भिगोकर सुबह खाएं या सब्जी में इस्तेमाल करें। वातशामक और दाहनाशक गुणकारी। 4. *आले* - आले-नींबू चाय पिएं। रक्त संचार सुधारता है और मांसपेशियां सैल होती हैं। 5. *गरम-थंड शेक* - दर्द तीव्र होने पर पहले ठंडा पैक, फिर गरम शेक दें। *आहार नियम (Pathya–Apathya)* - *खाएं -* मूंग दाल, उबली सब्जियां, गेहूं, दूध, घी, आला, लसूण, हळद, उबला पानी। - *टालें -* ठंडा पानी, दही, कोल्ड ड्रिंक, बटाटा, तले-मसालेदार पदार्थ, लंबे समय तक भूखा रहना। *योग और व्यायाम* - भुजंगासन, पवनमुक्तासन, शलभासन, वज्रासन, मार्जारी आसन रोज हल्के हाथ से स्ट्रेचिंग करें। - लंबे समय तक बैठना टालें, भारी वस्तु उठाने से बचें।

Comments (1)

Pannalal Chouhan
Mar 5, 2026
ॐ नमो नारायण नारायण नारायण
